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आर्थिक तंगी से जूझ रहे इंजीनियर ने पहले बच्चों का गला रेता, फिर पत्नी के साथ जहर पी लिया…

भोपाल। राजधानी के मिसरोद थाना क्षेत्र से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक इंजीनियर ने पूरे परिवार के साथ जान देने की सोच ली। पहले पत्नी के साथ मिलकर दोनों बच्चों का गला काटा और बाद में पति पत्नी ने भी जहर खा लिया। इस हफ्ते में इंजीनियर उनके बेटे की मौत हो गई है और पत्नी बेटी जीवन से संघर्ष कर रही है।

मिसरोद थाना क्षेत्र के सहारा स्टेट में रहने वाले रवि ठाकरे सिविल इंजीनियर थे। तीन महीने पहले तक वे रचना टावर म ठेकेदार के पास साइट इंजीनियर थे। इस बीच नौकरी छूट गई। इससे पहले भी कोई स्थाई नौकरी नहीं थी। पत्नी रंजना ने भी घर से ही सौंदर्य प्रसाधन बेचने का काम शुरू किया था लेकिन डेढ़ साल के कोरोना काल में कोई भी घर आ जा नहीं रहा था इस कारण धंधा नहीं चल सका। रवि किराए के मकान में रहता था और मूल रूप से सारणी का रहने वाला था। उनका बेटा चिराग 11वीं और गुंजन आठवीं कक्षा में कार्मेल कान्वेंट स्कूल में पढ़ते थे लेकिन उनकी 2 साल से स्कूल फीस जमा नहीं हो सकी थी। कई प्रयासों के बाद जब उसे कोई काम नहीं मिला तो गरीबी और बेरोजगारी के कारण रवि ने परिवार के साथ जान देने का फैसला कर लिया।

एक दिन पहले वो बाजार से टाइल्स कटर और कीटनाशक खरीद लाया था। परिवार के साथ जान देने का फैसला उसने पत्नी को बता दिया था। हालांकि उसकी पत्नी रंजना बेरोजगारी के कारण डिप्रेशन का शिकार हो गई थी। मरने से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा जिसमें गरीबी और बेरोजगारी का जिक्र किया साथ में यह भी लिखा कि उसकी मौत के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है। जिन बच्चों को उसने बड़ी मेहनत से पाला पोसा था, उनकी जिंदगी खत्म करने का उसने फैसला कर लिया। रवि ने बीती रात जब बच्चे गहरी नींद में थे तो उसने टाइल्स कटर से दोनों बच्चों का गला रेत दिया। इसके बाद रवि ने कीटनाशक किया और थोड़ा कीटनाशक पत्नी रंजना को पिला दिया।

शनिवार सुबह करीब 7 बजे रंजना बदहवास हालत में अपने पड़ोसी अजय अरोरा कि यहां पहुंची और बताया कि उसके पति और बेटे की मौत हो गई है। पड़ोसियों से उसने गुहार की कि कैसे भी उसकी बेटी को बचा लो। पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी और जब पुलिस के साथ लोग अंदर पहुंचे तो वहां खौफनाक मंजर था। रवि और उसके 15 साल के बेटे चिराग की लाश पड़ी थी और बेटी गुंजन खून से लथपथ थी। पुलिस ने सभी को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया। गुंजन और रचना की हालत अब खतरे से बाहर है लेकिन पिता पुत्र की मृत्यु हो चुकी है। उनके शव मोर्चरी में रखवा दिए गए हैं। परिवार जन बेतूल जिले से आ रहे हैं। रंगीला के मायके वाले महाराष्ट्र के वर्धा से आ रहे हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद कर लिया है और हत्या का प्रकरण भी दर्ज किया है।

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