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बिलासपुर का ब्रेल प्रेस दृष्टिबाधितों को दे रहा नई दृष्टि, दृष्टिहीनों के लिए पाठ्य पुस्तकों के साथ ज्ञानवर्धक किताबों और मतपत्रों की छपाई से बनाई पहचान …

रायपुर। केन्द्र सरकार ने दिव्यांगजनों को सशक्त करने के मामले में राज्य को तीन राष्ट्रीय पुरस्कार देने की घोषणा की है, जिसमें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के तिफरा स्थित एक मात्र ब्रेल प्रेस को उत्कृष्ट कार्य के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस की श्रेणी में चुना गया है। दृष्टिबाधितों के पठन सामग्री और तैयार कर उन्हें नई दृष्टि प्रदान करने में बिलासपुर का ब्रेल प्रेस वरदान साबित हुआ है। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ई-पुस्तकालय का संचालन, डमी मतपत्र और ईपिक कार्ड, दृष्टिबाधितों के लिए मतदाता पहचान पर्ची के साथ ही ब्रेल प्रेस बिलासपुर ने रामायण, गीता जैसी ज्ञानवर्धक और कहानियों की ब्रेललिपि में पुस्तकें प्रकाशित की हैं। ब्रेल प्रेस के कार्यों की सराहना अब केन्द्रीय स्तर पर भी विशेष रूप से की जा रही है। केन्द्रीय स्तर पर 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

बिलासपुर स्थित ब्रेल प्रेस राज्य का पहला और इकलौता ब्रेल प्रेस युनिट है, इसकी स्थापना जनवरी 1985 में दृष्टिहीनों को ब्रेललिपि में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने हेतु की गई थी। वर्ष 2014 में प्रेस का आधुनिकीकरण और कम्प्यूटराइजेशन हुआ। यहां दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए पहली से बारहवी तक पाठ्य पुस्तक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें मुद्रित कर शासकीय और अशासकीय संस्थाओं को प्रदान की जाती हैं। लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ब्रेल प्रेस बिलासपुर ने बहुत कम समय में दृष्टिबाधित निःशक्तजनों के लिए डमी मतपत्र छाप, इवीएम मशीन में पहचान हेतु ब्रेेल स्टीकर, इपिक कार्ड तैयार कर प्रदान किए हैं। इसके साथ ही यहां दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय पुस्तकों के अलावा निःशक्तजन अधिकार अधिनियम-2016, एक्यूप्रेशर चिकित्सा, स्वच्छता एक अहसास, पंचतंत्र की कहानियां, जातक कहानियां, हितोपदेश, आरती संग्रह, हिन्दी और अंग्रेजी की पठन सामग्री की छपाई की गई है। यहां से मुद्रण सामग्री छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त दूसरे राज्यों को भी सप्लाई की जाती है।

यूनिट प्रभारी प्रशांत मोकासे ने बताया कि ब्रेल प्रेस में 10 नियमित और 8 अस्थाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से 5 दृष्टिबाधित और एक कर्मचारी मूकबधिर है, जो किताबों की बाईंडिंग करते हैं। ब्रेल प्रेस के उपनियंत्रक आर.के. पाठक भी दृष्टिबाधित हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों के परफार्मेंस के आधार पर ब्रेल प्रेस का चयन देश भर की ब्रेल प्रेस में से नेशनल अवार्ड के लिए किया गया है। ब्रेल प्रेस बिलासपुर में वर्ष 2017-18 में 10 हजार 974, 2018-19 में 12 हजार 415 और वर्ष 2019-20 में 13 हजार 207 पुस्तकों का विक्रय किया है।

श्री मोकासे ने बताया कि ब्रेल प्रेस बिलासपुर छत्तीसगढ़ की पहली संस्था है जिसमें सुगम पुस्तकालय अंतर्गत ई-पुस्तकालय में पंजीयन कराया है। दृष्टिबाधित व्यक्ति प्रेस के ई-पुस्तकालय में निःशुल्क सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। ई-पुस्तकालय में 18 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिन्हें सदस्य पढ़ने के साथ डाउनलोड भी कर सकते है। ब्रेल प्रेस बिलासपुर ने सामान्य ज्ञान और 9वीं से 12वीं तक की पुस्तकों को ई-पुस्तकालय में अपलोड किया है। इन पुस्तकों को ऑडियो माध्यम से सुना जा सकता है। इससे कोरोना काल में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई में बहुत मदद मिली है। देश के सर्वश्रेष्ठ ब्रेल प्रेस के रूप में चयन से प्रेस के सभी अधिकारी और कर्मचारी बहुत खुश हैं और उनमें काम के प्रति नया उत्साह दिखाई दे रहा है।

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