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मोदी सरकार पर खूब बरसे तेजस्वी यादव, पूछ लिए 20 सवाल; बोले- सेना के अधिकारियों के लिए क्यों नहीं है ये योजना ….

पटना । मोदी सरकार की ओर से अग्निपथ योजना के नोटिफिकेशन जारी होने के बाद कई राज्यों में बवाल मचा हुआ है। यूपी, बिहार, राजस्थान समेत कई राज्यों में शनिवार को हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं। बिहार में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक स्टेशन को आग लगा दी, जबकि दर्जनों वाहन फूंक डाले। अब इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने रविवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी यादव ने बयान जारी कर कहा है कि ये योजना सेना के अधिकारियों के लिए क्यों नहीं है?

उन्होंने कहा कि इस सरकार की बिना सोचे समझे लाई गयी योजनाएं टेक ऑफ होने से पहले ही क्रैश हो जाती हैं। तेजस्वी ने आगे कहा कि ऐसी योजनाओं की अकाल मृत्यु हो जाती है, लेकिन बीजेपी के लोग आखिरी दम तक इनका हिप्प-हिप्प हुर्रे करते रहते है और बाद में माफी मांग लेते है। जिस देश में युवाओं की आत्मा दुखी हो तो मेरा मानना है कि इस देश की आत्मा दुखी है। ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशील होना चाहिए। तेजस्वी ने मोदी सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि युवाओं के साथ अग्नि से भरा ‘चार वर्षीय मजाक मत कीजिए क्योंकि पेट की भूख से बड़ी कोई आग नहीं होती। तेजस्वी ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार से 20 सवाल पूछे हैं…

  1. 4 साल के ठेके पर बहाल होने वाले अग्निवीरों को एक वर्ष में क्या नियमित सैनिकों की तरह 90 दिनों की छुट्टियां मिलेंगी अथवा नहीं? सरकार स्पष्ट करें?
  2. अग्निपथ योजना अगर न्यायसंगत है तो इसमें ठेके पर अफसरों की भर्ती क्यों नहीं? संविदा पर केवल सैनिकों की ही भर्ती क्यों?
  3. सरकार बताएं कि क्या यह योजना शिक्षित युवकों के लिए तैयार की गयी ‘मनरेगा’ है अथवा संघ का कोई hidden agenda?
  4. मोदी सरकार बताए कि 4 साल की देश सेवा के दौरान अर्जित अथवा उसके बाद जो एकमुश्त राशि मिलेगी, उस पर टैक्स भी लगेगा? अगर टैक्स कटेगा तो कटौती के बाद कितनी राशि बचेगी?
  5. अगर सरकार ‘अग्निवीरों’ को सैनिक मानती है तो क्या उन सैनिकों को गारंटी देगी? क्या गारंटी बचाने के लिए ही इस सेवा की अवधि केवल 4 वर्ष की गयी है?
  6. क्या सरकार ‘अग्निवीरों’ को कैंटीन और पूर्व सैनिकों को मिलने वाली चिकित्सा सहित अन्य सैनिक सुविधाएं देगी?
  7. क्या यह योजना बनाने से पहले सरकार ने Defence experts, रक्षा विश्लेषकों, रक्षा विशेषज्ञों और अनुभवी सैन्य अधिकारियों से फीडबैक लिया? क्या उनकी राय पर अमल किया?
  8. क्या यह पहली ऐसी सरकारी बहाली योजना नहीं है जिसमें महज 4 साल में बेरोजगार होने की 75% विशुद्ध गारंटी है?
  9. इस योजना में 18 वर्ष की उम्र में संविदा पर नौकरी पाकर 22 वर्ष की आयु में युवा रिटायर हो जाएंगे? क्या इससे उनकी उच्च शिक्षा प्रभावित नहीं होगी?
  10. विश्लेषकों का मत है कि शस्त्र प्रशिक्षण प्राप्त एक बड़ी आबादी के 22 वर्ष की अल्प आयु में रिटायर एवं फिर से बेरोजगार होने से क्या देश में विधि व्यवस्था संबंधित समस्या उत्पन्न नहीं होगी?
  11. One Rank One Pension की बात करने वाली सरकार आखिर No. Rank- No Pension पर आकर क्यों रुक गई? क्या यह नहीं दर्शाता कि इस सरकार में Planning ही नहीं बल्कि दूरदर्शिता का भी घोर अभाव है?
  12. सेना में प्रतिवर्ष 50-60 हजार सैनिक रिटायर होते हैं. पिछले 3 सालों से डेढ़ लाख से अधिक सैनिक रिटायर हो चुके है और एक भी भर्ती नहीं निकाली गई. सरकार अब कह रही है कि कुछ हजार की बहाली करेंगे, वो भी 4 साल के ठेके पर क्या यह युवाओं के साथ विश्वासघात नहीं है? रिक्त पदों पर सरकार कोई चर्चा क्यों नहीं करती?
  13. अगर देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं ‘भारतीय रेलवे व भारतीय सेना’ में भी नौकरियां ठेके पर दी जाने लगेंगी तो युवा क्या करेंगे? सरकारी कर्मियों की पेंशन बंद करने के बाद क्या बीजेपी सरकार अब स्थायी नौकरियों पर भी पूर्ण पाबंदी लगाएगी?
  14. अगर भाजपा को ठेकेदारी प्रथा इतनी ही पसंद है तो क्या सबसे पहले BJP के सभी मंत्री, सांसद, विधायक और पदाधिकारी अपने बच्चों को सरकारी नौकरियों से इस्तीफ़ा दिलायेंगे?
  15. एक तरफ़ सरकार लाखों बड़े पूँजीपतियों और चंदाजीवियों के लाखों करोड़ के लोन और corporate टैक्स माफ़ करती है और दूसरी तरफ सेना के बजट में कटौती करती है. विगत 8-9 साल में ही 11 लाख करोड़ से अधिक के लोन waive off किए है और दूसरी तरफ़ Cost cutting के नाम पर सेना में ठेकेदारी पर नौकरी दे रहे है. सेना भारत का सबसे गौरवशाली प्रतिष्ठान है. क्या सरकार को सेना के मामलों में ऐसे हस्तक्षेप करना चाहिए?
  16. सरकार बेरोजगारी की विकराल समस्या को अच्छे से address क्यों नहीं करती ? क्या सरकार को बेरोजगारी के मसले पर संवेदनशीलता से विचार नहीं करना चाहिए?
  17. भाजपा सरकार बताइए, क्या देश के 70% युवा नौकरी को लेकर इस वक्त तनाव में नहीं हैं?
  18. क्या बेरोजगारी से उत्पन्न हिंसा और अराजकता की दोषी सरकार नहीं है?
  19. लाख से अधिक पद तो मोदी सरकार के अधीन विभागों में रिक्त पड़े है. क्या 8 वर्षों में इन पदों को रिक्त रखने के दोषी युवा और विपक्ष है?
  20. क्या भाजपा सरकार ने युवाओं को 2 करोड़ नौकरी, 2022 तक 80 करोड़ रोज़गार प्रत्येक के खाते में 15 लाख धन और उनके जीवन में अच्छे दिन लाने का लोक लुभावन आश्वासन नहीं दिया था?
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