Breaking News
.
The coal-fired Cholla Power Plant near Joseph City, Arizona. The plant is jointly owned by Arizona Public Service (APS) and PacifiCorp and produces 1.02-gigawatts of electricity. The coal burned at the plant came mostly from the McKinley Mine, located east of Window Rock, Arizona in New Mexico, until the mine closed in 2009. In 2010, the Environmental Protection Agency (EPA) notified Cholla that pollution controls were needed for Units 2 through 4. Unit 2 was retired in 2016 as the cost to add pollution controls outweighed the benefits. The remaining units will be either retired or converted to burn another fuel source by 2025.

वायु प्रदूषण पर सख्ती : परियोजना में धूल रोधी उपाय न अपनाना NBCC को पड़ा महंगा, लगाया 5 लाख का जुर्माना …

नई दिल्ली। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को बताया कि पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा में एक परियोजना में धूल नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने के मामले में राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड (एनबीसीसी) पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

गोपाल राय ने शुक्रवार से धूल रोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की जो 12 दिसंबर तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हमने कड़कड़डूमा में एनबीसीसी की एक परियोजना का निरीक्षण किया और पाया कि कुछ स्थानों पर धूल नियंत्रण उपाय नहीं किए गए हैं। अत: कंपनी पर 5 लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विभागों को धूल रोधी प्रकोष्ठ बनाने और ‘धूल रोधी संयुक्त कार्ययोजना’ को अमल में लाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के साथ समन्वय में काम करने को कहा गया है।

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को ‘स्मॉग’ और घनी हो गई तथा कई जगहों पर विजिबिलिटी 200 मीटर रही। राजधानी में नवंबर की शुरुआत से ही प्रदूषण के स्तर में वृद्धि देखने को मिल रही है। दिल्ली में दीपावली के बाद पिछले सात दिन से वायु गुणवत्ता का स्तर गंभीर श्रेणी में है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के एक विश्लेषण के अनुसार, हर साल एक नवंबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली में लोगों को बेहद दूषित हवा में सांस लेनी पड़ती है। शहर में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 454 दर्ज किया गया। गुरुवार को एक्यूआई का 24 घंटे का औसत 411 था। सुबह नौ बजे फरीदाबाद में एक्यूआई 490 रहा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में 476, गुरुग्राम में 418 और नोएडा में यह 434 दर्ज किया गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार, सुबह नौ बजे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कारक कण पीएम 2.5 की मात्रा 346 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी जो कि 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से लगभग छह गुना अधिक थी।

पीएम 10 का स्तर 544 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (ग्रैप) के अनुसार, 48 घंटे या ज्यादा अवधि के दौरान, पीएम 2.5 का स्तर 300 माइक्रोग्राम से ज्यादा और पीएम 10 का स्तर 500 माइक्रोग्राम से अधिक होने पर वायु गुणवत्ता को आपातकालीन श्रेणी में माना जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया था और ठंड थी। दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और हवा की गति कम होने के चलते प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा अधिक रही।

एक अधिकारी ने कहा कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और सफदरजंग हवाई अड्डे पर कोहरे के कारण दृश्यता 300-500 मीटर रही। आर्द्रता अधिक होने की वजह से शुक्रवार को कोहरा और घना हो गया।

उल्लेखनीय है कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को “अच्छा”, 51 से 100 के बीच में “संतोषजनक”, 101 से 200 के बीच “मध्यम”, 201 से 300 तक “खराब”, 301 से 400 के बीच में “बेहद खराब” तथा 401 से 500 के बीच “गंभीर” माना जाता है।

error: Content is protected !!