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SDOP की गाड़ी में तोड़फोड़, पुलिस पर किया पथराव, खैरागढ़ राजघराने के विवाद से सड़क पर बवाल, आधी रात उदयपुर महल सील …

रायपुर। राजनांदगांव जिले में खैरागढ़ रियासत के राजा और विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद राजपरिवार का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। उदयपुर पैलेस को प्रशासनिक टीम खुलवाने पहुंची तो ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान विवाद इतना बढ़ा कि SDOP को ग्रामीणों के ऊपर लाठी बरसानी पड़ गई। लाठी चार्ज होते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस और वहां खड़ी गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरबाजी से बचने पुलिस कर्मियों को कुर्सी उठाकर सिर पर रखना पड़ा। ग्रामीणों को नियंत्रित करने एसडीओपी ने रात में पूरे गांव में मार्च पास्ट कराया। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा मेश्राम भी उदयपुर पहुंची। भारी आक्रोश को देखते हुए रात 12 बजे के आसपास प्रशासनिक अधिकारियों ने महल को सील कर दिया है। दरअसल यह पूरा मामला देवव्रत सिंह की मृत्यु के बाद संपत्ति विवाद को लेकर उपजा है।

बता दें कि देवव्रत सिंह की पत्नी विभा सिंह पर देवव्रत की पुत्री शाताक्षी सिंह एवं पुत्र आर्यव्रत सिंह द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि विभा सिंह उनसे दुर्व्यवहार करती है और प्रताड़ित भी कर रही है। वही विभा सिंह ने भी प्रेस कांफ्रेंस कर कई आरोप देवव्रत सिंह की पहली पत्नी पदमा सिंह पर लगाए थे। इसी बीच 30 दिसंबर को प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में उदयपुर महल को खोला जाना था। इसे लेकर उदयपुर में माहौल गरमाया हुआ था। विभा सिंह और देवव्रत के पुत्र आर्यव्रत सिंह एवं परिवार के लोग गुरुवार को दोपहर 2 बजे के आसपास उदयपुर पहुंचे और महल का दरवाजा खोलने की कवायद शुरू हुई। परिवार के सदस्यों में चर्चा होने के बाद महल का दरवाजा शाम 5 बजे के आसपास खोला गया, जिसे देखने उदयपुर के ग्रामीण उमड़ पड़े और विभा सिंह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

रात लगभग 9 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण नारेबाजी करते हुए महल के अंदर जाने का प्रयास करने लगे, जिससे महल के सामने का एक दरवाजा टूट गया। पुलिस ग्रामीणों को बाहर भेज रही थी, जिसके ग्रामीण आक्रोशित हो गए। सूत्र बता रहे है कि अंदर में विभा सिंह और आर्यव्रत सिंह के बीच विवाद सुलझ गया, जिसमें यह निर्णय हुआ था कि महल के अंदर रखे सामान जो सील किये गए हैं, उसे कोई नहीं खोलेगा, जब तक निर्णय नहीं हो जाता और बाहर के दरवाजे में ताला लगा रहेगा, जिसकी 2 चाबी रहेगी। दोनों जब चाहे महल आ सकते हैं। इस बात को ग्रामीणों को समझाना था, लेकिन SDOP नहीं समझा पाए।

एसडीओपी दिनेश सिन्हा ने ग्रामीणों को वहां से हटाने के लिए बल का प्रयोग किया, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी सहित आसपास रखी गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में पुलिस की गाड़ी और आसपास रखी चार से पांच गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। पथराव में कुछ पुलिस जवानों को भी चोंटे आई है। इसके बाद पूरे गांव में पुलिस मार्चपास्ट किया। रात की घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश दिख रहा है। इधर जिला प्रशासन के अफसर इसे पारिवारिक मामला बताते हुए कुछ भी कहना नहीं चाहते। शांति-व्यवस्था बनाए रखने पुलिस व प्रशासन की टीम उदयपुर में मौजूद है।  

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