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अरपा नदी के जल स्तर बढ़ने से प्रभावित लोगों को पहुंचाई गई राहत, नगर निगम की टीम लगातार कर रही निगरानी …

बिलासपुर। अरपा नदी में जल स्तर बढ़ने से नदी किनारे के प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने के लिए नगर निगम की टीम लगातार निगरानी करते हुए राहत कार्य में जुटी हुई है।

नगर निगम आयुक्त अजय त्रिपाठी ने बताया कि शहर के जोन क्रमांक 1 के मंगला धूरीपारा में चार परिवारों के पन्द्रह लोग अरपा के बढ़े पानी में फंस गए थे। सूचना मिलने पर तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया। टीम द्वारा पानी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालकर सामुदायिक भवन में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि कुल 30 लोगों को सामुदायिक भवन में शिफ्ट कर उनके खाने पीने की व्यवस्था की गई।

इसी तरह जोन क्र. 3 कुदुदण्ड में बाढ़ से प्रभावित 50 लोगों को निजी स्कूल बी.बी.एल.एस एस में रूकवाया गया था और उनके भोजन की व्यवस्था की गई थी। जोन क्र.  6 में छः राहत शिविर खोले गए है। गुरूनानक स्कूल, पटेल सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम भवन,बुटापारा स्कूल, हाउसिंग बोर्ड हाॅल में लगभग 300 लोगों को ठहराया गया है और उनके भोजन पानी की व्यवस्था की गई है।

जोन क्र.5 गोड़पारा पुत्री शाला स्कूल और बाल श्रमिक स्कूल में 35 लोगों को ठहराया गया था और भोजन की व्यवस्था की गई थी। सात परिवारों को उनकी इच्छा के अनुसार उनके रिश्तेदारों के यहां सुरक्षित पहुंचाया गया। जोन क्र. 8 में जबड़ापारा के प्रभावित लोगों को चंद्रा समाज सामुदायिक भवन और सिंधी धर्मशाला में ठहराया गया था। जोन क्र. 7 में राजकिशोर नगर और चांटीडीह क्षेत्र के लिए मोपका हाई स्कूल और चिंगराजपारा हाई स्कूल में राहत शिविर खोल गये है। यहां 110 लोगों को ठहराया गया है और उनके भोजन की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकासी, साफ सफाई तथा क्लोरिन और ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। देर रात तक महापौर रामशरण यादव और नगर निगम आयुक्त अजय त्रिपाठी प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बचाव और राहत के लिए स्वयं मौके पर तैनात रहे। नगर निगम की पूरी टीम भी रात भर प्रभावित क्षेत्रों में डटी रही। जल स्तर बढ़ते ही मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई। प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रकाश की व्यवस्था की गई है। निगम का स्वास्थ्य अमला भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए राहत केंद्रों में लगातार मौजूद रहा।

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