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फालुन दाफा अभ्यास करोना महामारी विरुद्ध आपकी प्रतिरोधक शक्ति भड़ा सकता है ….

भारत में कोरोना वाइरस महामारी का प्रसार रोकने के लिए सरकार ने लोगों को अपने घरों में ही रहने की और साफ़-सफ़ाई की सलाह दी है। इसके साथ-साथ आप अपनी प्रतिरोधक शक्ति भड़ाने के लिए, लोगों में घर बैठे ही ऑनलाइन ध्यान अभ्यास सीखने का चलन बढ़ा है।

फालुन दाफा (या फालुन गोंग) मन और शरीर की एक प्राचीन साधना पद्धति है जिसमें पांच सौम्य और प्रभावी व्यायाम और ध्यान सम्मिलित हैं। ये व्यायाम व्यक्ति की शक्ति नाड़ियों को खोलने, शरीर को शुद्ध करने, तनाव से राहत और आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायता करते हैं।

अमरीकी शहर टेक्सास में “बेलोर कॉलेज ऑफ मेडिसिन” में इम्यूनोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. लिली फेंग (Dr.  Lili Feng) के शोध के अनुसार, फालुन दाफा बीमारियों के विरुद्ध प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में कारगर है। डॉ. लिली ने सफेद रक्त कोशिकाओं (न्युट्रोफिल) के जीवन काल और कार्य की जांच की जिसमे पाया गया कि फालुन दाफा अभ्यासियों के न्यूट्रोफिल का इन-विट्रो जीवन काल नियंत्रण समूहों की तुलना में 30 गुना अधिक था और वे बेहतर कार्यशील थे। यह कुछ बीमारियों के लिए प्रतिरक्षा और स्वास्थ्य लाभ को दर्शाता है।

लोगों के लिए लॉकडाउन में ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंस ऐप द्वारा देश के हर कोने से जुड़ना संभव हो रहा है। जिनके पास कंप्यूटर नहीं है वे मोबाइल फ़ोन द्वारा इससे जुड़ सकते हैं और अभ्यास सीख सकते हैं।

काठमांडू, नेपाल, के एक मोंटेसरी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल कल्पना लोहानी का अनुभव भी कुछ ऐसा ही था। कल्पना ने फेसबुक पर फालुन दाफा से संबंधित पोस्ट पढ़ने के बाद कार्यशाला के लिए रजिस्टर किया। किशोरों और बच्चों के लिए आयोजित वेबिनार की विषय सामग्री उनकी रुचि के अनुसार रखी गयी है और अभ्यास सिखाने के आलावा, बच्चों के लिए कई दिलचस्प गतिविधियाँ की गईं जैसे उन्हें पेपर ओरिगेमी द्वारा कमल पुष्प बनाना सिखाना और नैतिक मूल्यों के महत्व के बारे में बताना। कर्नाटक की एक 12 वर्षीय छात्रा श्रेया ने अपने अंकल से इस अभ्यास के बारे में जानने के बाद कार्यशाला में शामिल होने का फैसला किया। श्रेया नियमित रूप से अभ्यास कर रही है और इसे “बहुत फायदेमंद” पाया है। “अब मेरा मन शांत और स्थिर रहने लगा है और मैं अच्छी तरह पढ़ पाती हूँ।”

फालुन दाफा को 1992 में चीन में ली होंगज़ी द्वारा सार्वजनिक किया गया था। होंगज़ी को दुनियाभर में 5,000 से अधिक पुरस्कारों और प्रशस्तिपत्रों से नवाज़ा गया है और नोबेल शांति पुरस्कार व स्वतंत्र विचारों के लिए सखारोव पुरस्कार के लिए भी मनोनीत किया जा चुका है। आज यह अभ्यास दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में प्रचलित है लेकिन दुर्भाग्य से, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने फालुन दाफा की शांतिप्रिय प्रकृति के बावजूद जुलाई 1999 में इस मेडिटेशन पर पाबंदी लगा दी। पिछले 21 वर्षों से फालुन दाफा अभ्यासियों को चीन में यातना, हत्या, ब्रेनवाश, कारावास, बलात्कार, जबरन मज़दूरी, दुष्प्रचार, निंदा, लूटपाट, और आर्थिक अभाव का सामना करना पड रहा है। अत्याचार की दायरा बहुत बड़ा है और मानवाधिकार संगठनों द्वारा दर्ज़ किए गए मामलों की संख्या दसियों हजारों में है। चीन में दमन जरूर जारी है, लेकिन दुनिया भर में लोगों ने इस मन और शरीर के परिपूर्ण अभ्यास को करने से, कम समय में ही आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए है।

नि:शुल्क वेबिनार के लिए रजिस्टर:  Website: www.LearnFalunGong.in | WhatsApp: https://wa.link/1bmekh

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