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तालिबान को सपोर्ट करने पर बोला पाकिस्तान- हमें बदनाम किया जा रहा …

नई दिल्ली । पाकिस्तान ने पंजशीर घाटी में चल रही लड़ाई में तालिबान की मदद करने की खबरों को खारिज कर दिया है और कहा है कि यह ‘पाकिस्तान की छवि धूमिल करने का अभियान’ है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड का हवाला देते हुए दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान के विशेष बलों से भरे कम से कम 27 हेलीकॉप्टरों तालिबान की मदद करने के लिए पंजशीर में हमले के लिए भेजे और ड्रोन हमले भी किए।

अफगानिस्तान में पंजशीर पर कब्जा करने के लिए तालिबान लगातार कोशिश कर रहा है। इस बीच ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान इस काम में तालिबान का साथ दे रहा है और लड़ाई में उनकी मदद कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान ने अब ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है और कहा है कि यह पाकिस्तान की छवि धूमिल करने की कोशिश है।

पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद ने भी पंजशीर के ‘पतन’ से एक दिन पहले तालिबान नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से मुलाकात की थी, हालांकि अब दोनों पक्षों का दावा है कि उनकी मुलाकात में शरणार्थी संकट और बंद सीमाओं के बारे में चर्चा हुई थी।

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि असीम इफ्तिखार ने एक बयान जारी कर उन सभी खबरों का खारिज किया है, जिनमें पाकिस्तान के पंजशीर घाटी में तालिबान की मदद करने की बात कही गई थी। इफ्तिखार ने पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा, “ये दुर्भावनापूर्ण आरोप पाकिस्तान को बदनाम करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने के अभियान का हिस्सा है।” उन्होंने ऐसी खबरों को दूर्भावनापूर्ण बताया।

तालिबान ने दावा किया है कि उसने पूरी तरह पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया है वहीं पंजशीर प्रतिरोध सेनानियों ने मंगलवार को  दावा किया कि तालिबान ने पंजशीर पर ‘पूरी तरह से’ कब्जा नहीं किया है। नेशनल रेसिस्टेंस फ्रंट (NRF) के नेता अहमद मसूद ने कहा कि वरिष्ठ नेता सुरक्षित हैं और उन्होंने ‘राष्ट्रीय विद्रोह’ का भी आह्वान किया, जिसके कारण इस सप्ताह के शुरू में काबुल में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन हुए।

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