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कोरोना संक्रमित महिला का शव लेने से ओडिशा सरकार ने किया मना, छत्तीसगढ़ में हुआ अंतिम संस्कार …

रायपुर। छत्तीसगढ़ की बोली जितनी मीठी है उतने ही मीठे यहां के लोग और यहां का पानी है। इसका ताजा उदाहरण यहां देखने को मिला। ओडिशा की रहने वाली महिला कोरोना का इलाज के लिए छत्तीसगढ़ में भर्ती हुई थी, जहां उसकी मौत हो गई। मौत के बाद संक्रमित महिला का शव लेने से ओडिशा सरकार (जिला प्रशासन) ने इनकार कर दिया। जिसके बाद छत्तीसगढ़ के भलमानस लोग व यहां की कांग्रेस सरकार ने मानवता की बड़ी मिसाल पेश करते हुए महिला अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाज के साथ छत्तीसगढ़ में ही कराया गया। छत्तीसगढ़ के इस कार्य की तारीफ हो रही है।

कोरोना पॉजिटिव महिला का शव ओडिशा के जिला प्रशासन (सरकार) द्वारा लेने से मना करने के बाद अंतिम संस्कार छत्तीसगढ़ में किया गया। दरअसल, बस्तर जिले की सीमा से ओडिशा लगा हुआ है। जगदलपुर स्थित डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में ओडिशा की एक महिला इलाज के लिए भर्ती हुई थी। उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। एंटीजन जांच में कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। तहसीलदार को जानकारी देने पर उन्होंने शव ओडिशा लाने से मना कर दिया। बस्तर कलेक्टर तक मामला पहुंचने के बाद जगदलपुर के शवदाह गृह में महिला का अंतिम संस्कार किया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक ओडिशा के नवरंगपुर जिले के तरुंदीही गांव की 32 वर्षीय महिला डॉली पाल की बस्तर जिले के डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में 20 जनवरी को मौत हो गई। उसे 19 जनवरी को तबीयत खराब होने पर नान कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। मृत्यु के बाद एंटीजन जांच में कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 21 जनवरी को महिला के परिजन शव को ओडिशा ले जाने के लिए नवरंगपुर के तहसीलदार से संपर्क किया।

तहसीलदार ने कोरोना पॉजिटिव होने के कारण शव को ओडिशा लाने से साफ मना कर दिया। गमजदा परिवार ने जगदलपुर नगर निगम के आयुक्त को इसकी जानकारी दी। कलेक्टर को भी मामले की जानकारी मिली। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर जगदलपुर में महिला के शव का संस्कार किया गया। निगम आयुक्त प्रेमकुमार पटेल ने बताया कि गैस शवदाह में महिला का अंतिम संस्कार किया गया। कोरोना पॉजिटिव केस था, इसलिए सरकारी खर्च पर अंत्येष्टि की गई। कुछ दिनों पहले लगाए गए गैस शवदाह में शव का अंतिम संस्कार किया गया।

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