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अब ओबीसी आरक्षण पर सियासत, सदन में हंगामा, कांग्रेस विधायक काला एप्रेन पहनकर विधानसभा पहुंचे…

भोपाल। बिहार और उप्र के बाद अब मध्यप्रदेश में भी पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस विधायक मंगलवार को सरकार विरोधी नारे लिखे हुए काला एप्रेन पहनकर विधानसभा पहंचे। सदन की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस की मांग थी कि OBC वर्ग को आरक्षण देने को लेकर सरकार सदन में अपना पक्ष रखे। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ पाखंड कर रही है। मैं कमलनाथ से पूछना चाहता हूं कि आपने पिछड़ा वर्ग को धोखा क्यों दिया? इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा शुरु कर दिया। हंगामें के बीच ही बहुमत के आधार पर सरकार ने अनुपूरक बजट और दो विधेयक पाारित कराए।

विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27% किया था, लेकिन इस पर स्टे हो गया, लेकिन शिवराज सरकार के कोर्ट में दिए गलत बयान से प्रदेश की इस वर्ग की 55% आबादी को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि सरकार इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा परिसर में मीडिया के सामने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि 8 मार्च 2019 को 14 से 27% आरक्षण लागू करने का फैसला तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लिया था। 10 मार्च को याचिका लगी और 19 मार्च को स्टे आ गया। 10 से 19 तक तत्कालीन सरकार ने अपना एडवोकेट जनरल कोर्ट में खड़ा तक नहीं किया। शिवराज ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने अपने शासन के दौरान कोई प्रयास तक नहीं किया। कमलनाथ ने पिछड़े वर्ग की पीठ पर छुरा घोंपा है। पिछड़ा वर्ग को कांग्रेस ने धोखा दिया। कमलनाथ जवाब दें कि 27% आरक्षण बरकरार रखने के लिए कांग्रेस ने क्या किया? कांग्रेस पाखंड कर रही है, पिछड़ा वर्ग को कांग्रेस ने धोखा दिया है। स्टे कराने का षड्यंत्र किया। पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

आरक्षण के लिए ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार राज्यों को देने वाला बिल सोमवार को लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय कैबिनेट ने हाल ही में इस पर मुहर लगाई थी। इससे राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश अपनी जरूरतों के हिसाब से ओबीसी की लिस्ट तैयार कर सकेंगे। सरकार के प्रवक्ता एवं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस समाज को बांटने का काम कर रही है। किसी भी मुद्दे को उठाने के पीछे इनका केवल यही मकसद है। पहले आदिवासियों का मुद्दा लेकर आए। जब वह फेल हो गया तो अब ओबीसी आरक्षण को मुद्दा बना रहे हैं।

मध्यप्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण मामले में हाई कोर्ट में सभी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने OBC के लिए 27% आरक्षण पर रोक बरकरार रखी है। 1 सितंबर को सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट अंतिम सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने किसी भी तरह का अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार किया है। कोर्ट का कहा है कि सभी याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई करने के बाद फैसला लेंगे। कोर्ट ने पक्षकारों के वकीलों को निर्देश जारी कर अगली सुनवाई में फिजिकल हियरिंग के लिए मौजूद रहने को कहा है।

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