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तीन तालाक नहीं, तीन पत्नियां चुनावी मैदान में: मप्र पंचायत चुनाव में सिंगरौली पंचायत सचिव सुखराम सिंह सस्पेंड ….

नई दिल्ली। भाजपा सरकार में तीन तालाक का मुद्दा उठा काफी जोर-शोर से उठाया गया था और इसके खिलाफ कानून भी बना। अब भाजपा शासन काल में ही सिंगरौली पंचायत सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियां सामनें आईं हैं और तीनों ही चुनाव लड़ रहीं हैं। जी हां! देवसर जनपद पंचायत क्षेत्र के घोघरा में तैनात सुखराम सिंह की तीन पत्नियां चुनावी मैदान में हैं। सुखराम ने तीन पत्नियों के होने की जानकारी छिपाई थी, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। बहु विवाह पर रोक लगाने की मांग हिन्दू समाज के लोग कर रहे हैं।

पंचायत सचिव सुखराम सिंह की तीन पत्नियां त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हिस्सा ले रही हैं। सुखराम की दो पत्नियां कुसुम कली सिंह और गीता सिंह पीपरखाड़ ग्राम पंचायत में सरपंच पद की प्रत्याशी हैं। वहीं सुखराम की तीसरी पत्नी उर्मिला सिंह देवसर के वार्ड क्रमांक 13 से जनपद सदस्य पद के लिए चुनावी मैदान में उतरी हैं। सिंह ने तीन पत्नियां होने की जानकारी छिपाई थी, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड करके जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।

दरअसल जनपद पंचायत के सीईओ ने सभी कर्मचारियों से उनके परिवार के संबंध में जानकारी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि अगर किसी कर्मचारी के रिश्तेदार या परिवार के सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं तो इसकी जानकारी विभाग को उपलब्ध कराई जाए। पंचायत सचिव सुखराम सिंह ने अपनी दो पत्नियों की जानकारी सीईओ को दी थी, लेकिन एक की जानकारी छिपा ली थी। मामला सामने आने के बाद सीईओ ने पहले सुखराम को कारण बताओ नोटिस जारी किया और फिर जवाब न देने पर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करके जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, सुखराम की पहली शादी 30 साल पहले कुसुम कली सिंह हुई थी। इसके बाद करीब 10 साल पहले उन्होंने गीता सिंह से और फिर 2 साल पहले उर्मिला सिंह से शादी की। सुखराम की दूसरी पत्नी गीता पीपरखाड़ से निवर्तमान सरपंच हैं। गीता से कुछ विवाद के चलते सुखराम ने पहली पत्नी कुसुम कली सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।

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