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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सांसद ने निभाया पंडित नाथूराम गोडसे का रोल, बवाल होने पर दी सफाई ….

पुणे । हाल ही में सोशल मीडिया पर 45 मिनट की कम बजट की फिल्म के ट्रेलर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को मुश्किल में डाल दिया है। इस फिल्म में एनसीपी सांसद और लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेता अमोल कोल्हे महात्मा गांधी के हत्यारे पंडित नाथूराम गोडसे की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर 2 मिनट से ज्यादा का ये ट्रेलर इन दिनों सोशल मीडिया में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। इस फिल्म के ट्रेलर में एनसीपी नेता गांधी की हत्या को सही ठहराते हुए अदालत में बयान दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे इस ट्रेलर की फिल्म का नाम है ‘व्हाई आई किल्ड गांधी’। इस फिल्म के निर्माताओं के अनुसार यह फिल्म गांधी हत्या के मुकदमे के दौरान पंडित गोडसे द्वारा दिए गए कानूनी बयान का चित्रण करना है और इसका उद्देश्य 20 वीं शताब्दी के भारत के इतिहास को अलग से देखने की झलक है। अमोल कोल्हे, जो मौजूदा वक्त में एनसीपी सांसद हैं, उन्होंने इस फिल्म में पंडित नाथूराम गोडसे का किरदार निभाया है। कोल्हे शिरूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और प्रदेश में पार्टी का चर्चित चेहरा हैं। कोल्हे ने लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेता भी हैं और इससे पहले वह छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके बेटे संभाजी महाराज की भूमिका निभा चुके हैं।

मार्च 2014 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ एक अनौपचारिक जुड़ाव के बाद कोल्हे ने शिवसेना के साथ अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने शिवसेना को छोड़ दिया और एनसीपी में शामिल हो गए। पार्टी ने उन्हें तीन बार के शिवसेना सांसद शिवाजी अधलराव पाटिल के खिलाफ शिरूर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। चुनाव में एनसीपी के खराब प्रदर्शन के बावजूद कोल्हे ने पाटिल को 50,000 से अधिक मतों से हराया। एनसीपी ने विधानसभा चुनावों में कोल्हे को एक स्टार प्रचारक के रूप में शामिल किया था।

गुरुवार को कोल्हे ने फिल्म को लेकर हो रहे हो-हल्ले के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सफाई दी और लोगों से ‘रील लाइफ’ और ‘रियल लाइफ’ के बीच अंतर करने का भी आग्रह किया। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कोल्हे ने कहा, “… कभी-कभी, अचानक ऐसी भूमिकाएं आती हैं जहां आप विचारधारा से सहमत नहीं होते हैं, लेकिन वे एक कलाकार के रूप में आपको चुनौती देते हैं। ऐसा ही एक रोल पंडित नाथूराम गोडसे का था। व्यक्तिगत स्तर पर, मैं गांधी की हत्या या पंडित नाथूराम के महिमामंडन का समर्थक नहीं हूं, लेकिन मुझे जो भूमिका मिली है, मैंने उसके साथ न्याय करने की कोशिश की है। एक कलाकार के रूप में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और एक व्यक्ति के रूप में विचार की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए! मुझे उम्मीद है कि लोग इस काम को खुले दिमाग से देखेंगे।”

पार्टी में कोल्हे के सहयोगी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार के करीबी सहयोगी जितेंद्र आव्हाड ने पंडित नाथूराम गोडसे की भूमिका निभाने के कोल्हे के फैसले की आलोचना की है। आव्हाड ने कहा, “उन्होंने एक कलाकार के रूप में वह भूमिका निभाई हो सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि महाराष्ट्र से किसी को भी नाथूराम की भूमिका नहीं निभानी चाहिए। जब कोई अभिनेता भूमिका निभाता है, तो उसे पूरी तरह से भूमिका में डूबना पड़ता है। जब आप रिचर्ड एटनबरो की गांधी को देखते हैं, तो आप अभिनेता को गांधी का जीवन जीते हुए देखते हैं। व्यक्ति के चरित्र और विचार को आंतरिक करना होगा। इसलिए, स्पष्ट शब्दों में, मुझे लगता है कि एक अभिनेता के रूप में, अपने राजनीतिक लिंक को अलग रखते हुए, उन्हें भूमिका से इनकार कर देना चाहिए था।”

 

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