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मप्र: अवैध शराब का कारोबार करने पर होगी फांसी, शिवराज कैबिनेट ने दी मंजूरी…

भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध शराब का कारोबार करने वालों को अब फांसी की सज़ा तक हो सकती है। सरकार ऐसा सख्त कानून लाने जा रही है। नये आबकारी कानून के ड्राफ्ट को मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी भी दे दी गई। अब इसे बिल के तौर पर 9 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में लाया जाएगा। कैबिनेट में जिस सख्त आबकारी कानून को मंजूरी दी गई है उसके तहत अवैध शराब का कारोबार करने वालों को अब फांसी के फंदे पर भी लटकाया जा सकेगा। बिल के प्रावधानों के तहत जहरीली शराब बेचने वालों को आजीवन कारावास और मृत्युदण्ड तक का प्रावधान किया गया है।

10 वर्ष की सजा को बढ़ाकर आजीवन कारावास करने पर कैबिनेट ने बिल में मंजूरी दी है। अवैध शराब मामले में जुर्माना की राशि भी 10 लाख से बढ़कर 20 लाख की गई है। एक नए आबकारी अधिकारी की नियुक्त का प्रावधान किया गया है। आबकारी टीम पर हमला करने वालों को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकेगा। बता दें कि पिछले 15 महीने में प्रदेश में जहरीली शराब से 53 लोगों की मौत हो चुकी है। मंदसौर में 23 जुलाई को जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे।

प्रदेश में लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के निवेश का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। जिसके मुताबिक एमएसएमई के लिए वर्तमान में केवल 10 करोड़ के प्लांट और 5 करोड़ के निवेश वाले उद्योग ही इस दायरे में आते हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस सीमा को बढ़ाया गया है। अब 50 करोड़ के प्लांट व 250 करोड़ का कारोबार करने वाले उद्योग को एमएसएमई की श्रेणी में रखने का फैसला किया गया है।

उधर नये कानून पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ के ट्वीट कर लिखा है केवल कानून बनाने से माफिया कभी खत्म नही होगा। कानून पर अमल बेहद आवश्यक है। सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति नज़र आना चाहिये? कड़े क़ानून की बात तो बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार वर्षों से कर रही है लेकिन प्रदेश में आज भी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं?

 

ये हैं कैबिनेट के अहम फैसले –

–   सरकारी कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर लगेगा अंकुश

–   सीएम शिवराज ने कर्मचारियों के अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने को लेकर नाराज़गी जाहिर की

–   अनुशासनहीनता की परिधि में आने वाला कोई भी आंदोलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

–   अनुशासनहीनता संबंधी कार्यवाही की जाएगी

–   7 अगस्त को होने वाले अन्न उत्सव को लेकर मंत्रियों को जानकारी दी गयी

–   सभी प्रभारी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में रहेंगे

–   एमएसएमई यूनिट की सीमा नए सिरे से तय

–   अब 50 करोड़ स्थापना और 250 करोड़ के टर्नओवर वाली यूनिट भी एमएसएमई में गिनी जाएगी

–   डायल 100 योजना को 2021 से 2027 तक करने के लिए वित्तीय मंजूरी कैबिनेट ने दी

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