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छत्तीसगढ़ से विदाई की बेला में मानसून, प्रदेश में 3 प्रतिशत तक कम हुई बारिश …

रायपुर । मानसून से जुड़ी एक बड़ी खबर यह है कि सितंबर के आखिरी दिन यानी गुरुवार से मॉनसून सीजन खत्म होने जा रहा है। प्रदेश में कुल वर्षा आज तक 1108 मिलीमीटर दर्ज हुआ है, जबकि सामान्य वर्षा 1142 मिली मीटर है। जो सामान्य से 3 प्रतिशत कम है। मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा के अनुसार मानसून की विदाई 6 अक्टूबर से उत्तर पश्चिम भारत से प्रारंभ होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मानसून के विदाई के लिए 3 लक्षण आवश्यक है। पहला- राजस्थान के ऊपर एक प्रति चक्रवात बनना चाहिए। दूसरा- उस उपखंड में लगातार 5 दिन तक वर्षा नहीं होना चाहिए। तीसरा- वातावरण में नमी के स्तर में सार्थक कमी होना चाहिए। संभवत: ये सभी लक्षण दिखने लगे हैं, इसलिए अब मानसून के जाने का समय निकट है।

प्रदेश के 4 जिले सरगुजा, जशपुर, रायगढ़ और कांकेर जिले सामान्य से कम (न्यून) है। शेष सभी जिले औसत 19 प्रतिशत के बीच में रहे। जून के महीने में सामान्य वर्षा 193.5 मिली मीटर है जबकि प्रदेश में 244.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक रहा। इस अवधि में 21 जिले अधिक तथा 6 जिले में कम की स्थिति में थे। जुलाई के महीने तक प्रदेश में 756 मिलीमीटर (सामान्य 569 मिमी) और जुलाई में 331.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई जो कि सामान्य से 83 प्रतिशत रहा।

इस अवधि में 10 जिले में अधिक तथा 17 जिले कम बारिश हुई। अगस्त के महीने में प्रदेश में कुल वर्षा 797.5 मिलीमीटर (सामान्य 933.2 मिमी) और इस माह यानि सिंतबर में सामान्य वर्षा 364 मिमी के विरूद्ध 221.5 मिमी दर्ज किया गया। जो इस माह के सामान्य वर्षा का 60.8 प्रतिशत रहा। इस माह तक प्रदेश में औसत सामान्य वर्षा से 15 प्रतिशत कम रहा।

अगस्त तक प्रदेश के 1 जिले हैं अधिक, 14 जिले सामान्य तथा 12 जिले कम वर्षा (Bye Bye Monsoon) की स्थिति में रहे। अगस्त के महीने में कुल वर्षा 364.2 के विरुद्ध 221.5 मिलीमीटर दर्ज किया गया। सितंबर के महीने में कुल वर्षा 310 मिलीमीटर सामान्य में 208.9 मिलीमीटर के विरुद्ध दर्ज किया गया। जो सामान्य से 48.5 प्रतिशत से अधिक रहा। इस अवधि में 25 जिले सामान्य तथा 2 जिले कम वर्षा की स्थिति बने रहे। सितम्बर के अंत तक केवल चार जिले अपर्याप्त वर्षा की स्थिति रहे।

राज्य में औसत वर्षा (दिनों में)

प्रदेश में कुल वर्षा 56.04 दिन रहा।

  • बालोद जिला में 51 दिन रहा।
  • बलौदा बाजार में 46.4 दिन रहा।
  • बलरामपुर में 49.6 दिन रहा।
  • बस्तर में 61.9 दिन रहा।
  • बेमेतरा में 51 दिन रहा।
  • बीजापुर में 58.8 दिन रहा।
  • बिलासपुर में 54.8 दिन रहा।
  • दंतेवाड़ा में 56.6 दिन रहा।
  • धमतरी में 53.3 दिन रहा।
  • दुर्ग में 49.9 दिन रहा।
  • गरियाबंद में 53.8 दिन रहा।
  • जांजगीर में 57.6 दिन रहा।
  • जशपुर में 66.2 दिन रहा।
  • कबीरधाम में 45.2 दिन रहा।
  • कांकेर में 61 दिन रहा।
  • कोण्डागांव में 59.6 दिन रहा।
  • कोरबा में 65 दिन रहा।
  • कोरिया में 57.8 दिन रहा।
  • महासमुंद में 47.2 दिन रहा।
  • मुंगेली में 48.8 दिन रहा।
  • नारायणपुर में 75.5 दिन रहा।
  • रायगढ़ में 57.4 दिन रहा।
  • रायपुर में 49.8 दिन रहा।
  • राजनांदगांव में 57.3 दिन रहा।
  • सुकमा में 65.6 दिन रहा।
  • सूरजपुर में 55.7 दिन रहा।
  • सरगुजा में 59 दिन रहा।

इस तरह औसत वर्षा प्रदेश में दिनों की संख्या 56.04 रहा। जुलाई से 30 सितंबर तक प्रदेश में अलग-अलग महीनों में वर्षा की वास्तविक संख्या जून में 244.4 मिमी, जुलाई में 331.6 मिमी, अगस्त में 221.5 मिमी तथा सितंबर में 310.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज किया गया। इस अवधि में सामान्य औसत वर्षा जून में 193.5 मिमी, जुलाई में 375.5 मिमी, अगस्त में 364.2 मिमी, सितंबर में 208.9 मिलीमीटर वर्षा है ।

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