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कश्मीरी पंडितों को आतंकियों की गोली का शिकार नहीं होने देगी मोदी सरकार, बनाया मास्टरप्लान ….

श्रीनगर । कश्मीर घाटी में पिछले कुछ समय से आतंकी हमले बढ़ने से यहां लोगों के साथ-साथ कश्मीरी पंडितों में भी डर का माहौल है। एक तरफ मोदी और दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर सरकार कश्मीरी पंडितों को बसाने की बात कर रही है, लेकिन आतंक की नई लहर के चलते दोबारा पलायन शुरू हो गया है। हालांकि जम्मू कश्मीर प्रशासन कश्मीरी पंडितों को लगातार ये आश्वासन दे रहा है कि पलायन की नौबत नहीं आएगी। बता दें कि कश्मीरी पंडितों को बसाने की तमाम कोशिशों के बीच पिछले दिनों एक कशमीरी पंडित आतंकियों की गोली का निशाना बन गया था।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुई कुछ घटनाओं के बाद शिक्षकों समेत अन्य सरकारी कर्मचारी दहशत में हैं। इनमें से कुछ ने तो घाटी से बाहर ट्रांसफर की मांग की है। इसके अलावा कई तो सुरक्षा की बढ़ती चिंताओं की वजह से काम पर ही नहीं आ रहे हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। प्रवासी कर्मचारियों द्वारा दूर-दराज के इलाकों में अपनी पोस्टिंग पर आशंका दिखाने के बाद प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है।

जम्मू-कश्मीर सरकार के प्रवक्ता ने कश्मीर के संभागीय आयुक्त, पुंडुरंग पोल के हवाले से बुधवार रात को एक बयान में बताया कि उनके निर्देश पर उपायुक्त और एसएसपी नियमित रूप से प्रवासी कॉलोनियों, आवासों का दौरा कर रहे हैं। उन्हें सुरक्षा, विश्वास निर्माण उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा और सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

यह भी बताया गया कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि इन कश्मीरी पंडितों को फिलहाल दूर-दराज और संवेदनशील क्षेत्रों के बजाय सुरक्षित और सुरक्षित क्षेत्रों में पोस्ट किया जाए। बता दें कि पिछले हफ्ते आतंकियों द्वारा एक कश्मीरी पंडित को मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद से कश्मीरी पंडितों में असुरक्षा की भावना पनप रही है। जिसके लिए केंद्री की मोदी सरकार खासी चिंतित नजर आ रही है।

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