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मेगा लीगल सर्विस कैम्प : अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना कैम्प का उद्देश्य – श्रीमती सावंत…

बिलासपुर । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वाधान एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत् अखिल भारतीय जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के अंतर्गत मेगा लीगल सर्विस कैम्प का आयोजन किया गया। आज सुबह 10.30 बजे इस शिविर का विधिवत् उद्घाटन बिलासपुर स्थित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य सरंक्षक न्यायमूर्ति अरूप कुमार गोस्वामी द्वारा किया गया।

उद्घाटन सत्र के बाद जिले के जिला न्यायालय बिलासपुर के सभागार में ई-मेगा लीगल सर्विस कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश श्रीमती सुषमा सावंत ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 2 अक्टूबर से 14 नवम्बर तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरेाना काल में लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। इस मेगा कैम्प आयोजन का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना है। कैम्प में शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, जिससे लोग इसका लाभ उठा सके। उन्होंने इस मौके पर नालसा की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

इस मौके पर एडीएम सुश्री जयश्री जैन ने कहा कि इस मेगा लीगल सर्विस कैम्प में विभागीय योजनाओं के प्रति न केवल लोगों को जागरूक किया जाएगा अपितु उन्हें अधिक से अधिक लाभान्वित करने का प्रयास भी किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार झा ने कहा कि शासकीय योजनाओं की जानकारी के अभाव में लोग इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते है। इस कैम्प से लोगों को योजनाओं की जानकारी सुचारू रूप से मिल पाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन विधिक सेवा तथा जन कल्याणकारी संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करेगा।

जिला सेवा विधिक प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न विभागों के 1295 हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में भी 106 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस प्रकार कुल लगभग 41 लाख 59 हजार 638 रूपए की राशि एवं सामग्री का वितरण किया गया। शिविर में हितग्राहियों को 70 उपकरण एवं 1114 प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत 29 लाभार्थियों को 52 लाख 95 हजार रूपए की क्षतिपूर्ति दी गई।

शिविर में जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त श्रम, संयुक्त संचालक समाज कल्याण एवं खाद्य नियंत्रक सहित अन्य अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सुमित कुमार सोनी ने किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ब्लॉक स्तर के अधिकारी एवं हितग्राही कार्यक्रम से जुड़े रहे।

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