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उपराज्यपाल का भ्रष्टाचारियों पर एक्शन, 3 अधिकारियों को किया निलंबित; सीएम ऑफिस में तैनात उपसचिव भी शामिल ….

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक उपसचिव व दो एसडीएम शामिल हैं। 21 जून को हौज खास में तैनात सब रजिस्टार को भी निलंबित किया गया है। कार्यभार संभालने के साथ ही उपराज्यपाल ने भ्रष्टाचार को जरा भी बर्दाश्त नहीं करने और सरकारी कामकाज में ईमानदार कार्यप्रणाली को बनाए रखने का संदेश दिया था।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात उपसचिव पीसी ठाकुर, वसंत विहार के एसडीएण हर्षित जैन और विवेक विहार के एसडीएम देवेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही इन तीनों ही अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात उपसचिव पीसी ठाकुर पर कार्रवाई उनके नरेला में एसडीएम होने के दौरान के कार्यों पर की गई है। जमीन हस्तांतरण के मामले में गड़बड़ी पर यह कार्रवाई की गई हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई होने तक सभी को निलंबित रखा जाएगा।

हौजखास में तैनात सब रजिस्ट्रार को भी निलंबित किया गया है। दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव की ओर से मंगलवार को जारी आदेश में यह बताया गया है। उन्हें बगैर अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश दिया गया है।

उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने 11 जून को कालकाजी एक्सटेंशन में दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा ईडब्लूएस श्रेणी में बनाए जा रहे फ्लैटों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने निर्माण को मानकों के अनुरूप नहीं पाया था। कई जगह काम आधा-अधूरा भी पाया गया था। उप राज्यपाल के निर्देशों के बाद 13 जून को योजना पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे। जिस पर 17 जून को राजनिवास को रिपोर्ट सौंपी गई। जिस पर कार्रवाई करते हुए उप राज्यपाल ने दो सहायक अभियंताओं को निलंबित कर दिया।

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