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साहित्यकार सविता चड्ढा को मिला सर्वभाषा संस्कृति समन्वय सम्मान 2022 ….

हेमलता महस्के । सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति द्वारा विशाखापट्टनम में आयोजित 16वें अधिवेशन में साहित्यकार, पत्रकार, संपादक और समाजसेवी सविता चड्ढा को पद्मश्री डा विंदेश्वर पाठक और सुरेश नीरव के कर कमलों से इस वर्ष का सर्वभाषा संस्कृति समन्वय सम्मान” दिया गया। अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति देश-विदेश के दस हज़ार से अधिक बहुभाषी लेखकों वाली देश की लोक प्रिय और प्रतिष्ठित संस्था है। इसके संस्थापक अध्यक्ष सुरेश नीरव हैं जो स्वयं एक जाने-माने लेखक हैं और कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

सृजन के क्षेत्र में 1982 से निरंतर लेखनरत सविता चड्ढा का जन्म पानीपत में हुआ और शिक्षा दीक्षा दिल्ली में हुई। उल्लेखनीय है कि यह संस्था अपने साहित्यिक और सामाजिक समारोहों के द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं प्रदान कर रही है और इस संस्था के साथ देश के बहुत बड़े-बड़े शीर्षस्थ साहित्यकार ,नेता संबद्ध रहे हैं।

सविता चड्ढा ने विविध विषयों पर 1982 से लेखन कार्य कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई हैं। इनकी अब तक 47 पुस्तकें (जिनमें 14 कहानी संग्रह, 9 लेख संग्रह, 2 उपन्यास, 3 बाल पुस्तकें, 9 काव्य संग्रह तथा 11 पत्रकारिता पर पुस्तकें) प्रकाशित हो चुकी हैं। आपकी लिखित तीन कहानियों पर टेलीफिल्म निर्माण हो चुका है और कई कहानियों पर नाटक मंचन हो चुका है। जहां आप की बाल कहानियां कक्षा 6 7 8 के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाती है वही आपकी कहानियों पर विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोध हो रहे हैं शोध वह भी चुके हैं । आप की बाल कहानियां एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में भी चयनित हैं और देश के विभिन्न भाषाओं में अनुदित भी प्रकाशित भी।

आपकी पत्रकारिता की तीन पुस्तकों को दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय और देश के कई पत्रकारिता विश्वविद्यालयों में सहायक ग्रंथों के रूप में शामिल किया गया है और पढ़ाया जा रहा है ।

आपके व्यक्तित्व और कृतित्व पर कई पुस्तकें और पत्रिकाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। विविध विषयों पर जहां आपका लेखन अनुकरणीय है, वहीं आप की साहित्यिक यात्राएं भी उल्लेखनीय है। देश में जहां आप की सक्रियता लोकप्रिय है वहीं विदेशों, नेपाल, ऑस्ट्रिया, न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, अमेरिका, पेरिस, दुबई, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी ,ताशकंद, हॉलैंड जैसे कई देशों की साहित्यिक यात्राएं आप कई बार कर चुकी हैं और लगातार साहित्य सृजन में लगी हुई हैं।

देश-विदेश की अनेक संस्थाओं द्वारा आपको अनेक सम्मान मिल चुके हैं । 1987 का हिंदी अकादमी, दिल्ली का “साहित्यिक कृति पुरस्कार” मिल चुका है । हरियाणा साहित्य अकादमी पंचकूला से “साहित्य गौरव सम्मान”, वूमेन केसरी, साहित्य गौरव,राष्ट्र रत्न , साहित्य सुधाकर , साहित्य शिखर सम्मान, दिल्ली गौरव सम्मान के अलावा 75 से अधिक संस्थाओं ने आप को आपकी लेखकीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया है।

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