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लखीमपुर कांड: कोर्ट में सुनवाई पूरी, क्या SIT को मिलेगी आशीष की 14 दिन की रिमांड …

नई दिल्ली। लखीमपुर हिंसा की जांच कर रही स्‍पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी)  ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे और इस मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की 14 दिन की रिमांंड मांगी है। थोड़ी देर पहले कोर्ट में उसकी रिमांड अर्जी पर सुनवाई पूरी हुई है। कोर्ट शाम चार बजे अपना फैसला सुनाएगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में सरकार की ओर से वकील एसपी यादव और आशीष मिश्रा की ओर से वकील अवधेश सिंह ने अपना-अपना पक्ष रखा। सुनवाई के लिए आशीष को कोर्ट में नहीं बुलाया गया था। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई।

सुनवाई, दोपहर दो बजे शुुरू होनी थी। तकनीकी खराबी की वजह सुनवाई शुरू होने में करीब 30 मिनट की देरी हुई। कोर्ट में आशीष की ओर से उसका पक्ष रखते हुए वकील अवधेश सिंह ने कहा कि एसआईटी आशीष से 12 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। अब क्‍या थर्ड डिग्री के लिए रिमांड चाहती है? क्‍या थर्ड डिग्री देकर आशीष से गुनाह कबूल कराया जाएगा? उधर, अभियोजन पक्ष की ओर से पक्ष रखते हुए सरकारी वकील ने पक्ष रखा।

उन्‍होंने कोर्ट को बताया कि आशीष की रिमांड मामले की जांच के लिए क्‍यों जरूरी है? गौरतलब है कि पिछले तीन अक्‍टूबर को लखीमपुर खीरी में हिंसक झड़प में चार किसान, एक पत्रकार और भाजपा कार्यकर्ता सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में किसानों की ओर से आशीष पर किसानों की हत्‍या का आरोप लगाया गया है। लखीमपुर हिंसा के कई वीडियो सोशल मीडि‍या में वायरल हो चुुुके हैं। इनमें से एक वीडियो में केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री की थार गाड़ी से किसानों को कुचला जाना दिख रहा है।

हालांकि इस मामले में केंद्रीय गृहराज्‍य मंत्री ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुुए कहा है कि वह घटना के वक्‍त वहां था ही नहीं। उन्‍होंने किसानों पर उस वक्‍त हमला करने का आरोप लगाया जब उनकी गाडि़यां डिप्‍टी सीएम केशव मौर्या को रिसीव करने जा रही थीं। डिप्‍टी सीएम को केंद्रीय मंत्री के गांव पर आयोजि‍त दंगल कार्यक्रम में बतौर मुुुख्‍य अतिथ‍ि शामिल होना था।

आशीष मिश्रा को शनिवार रात 10:50 बजे गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें 12 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। इस दौरान शासन द्वारा बनाई गई विशेष पर्यवेक्षण समिति के डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया था कि लंबी पूछताछ के बाद हमने पाया कि वे (आशीष मिश्रा) सहयोग नहीं कर रहे, विवेचना में कई बातें बताना नहीं चाहते। इसलिए हम उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

अब एसआईटी आशीष को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। उधर, विशेष पुलिस जांच कमेटी की पूछताछ के दौरान आशीष मिश्रा का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में ले लिया थ। इस मोबाइल की भी जांच कराई जा रही है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि इसमें से कोई डाटा या डिटेल से छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तकनीकी तौर पर देखा जाएगा कि तीन अक्तूबर के दिन का कोई डाटा हटा है या नहीं। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि इस मोबाइल में सिम कितने प्रयोग हुए और उनकी लोकेशन क्या रही? इसके अलावा आशीष की राइफल की भी फारेंसिंक जांच कराने की तैयारी में पुलिस है। पुलिस ने मौके से जली हुई थार कार से दो मिस कारतूस बरामद किए थे। अब उस कारतूस के असलहे की तलाश पुलिस कर रही है। मोबाइल के सभी डाटा चेक किए जाएंगे। इसके अलावा आशीष की राइफल भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है। उसकी फारेंसिक जांच में मालूम चलेगा कि इस राइफल का कब से प्रयोग नहीं हुआ। उसके कारतूस कहां हैं?

उधर आशीष के वकील अवधेश सिंह का कहना है कि पुलिस ने जो मांगा, वह दे दिया गया। राइफल तो एक साल से चली ही नहीं है। जितने कारतूस थे, सब सलामत हैं। फिर जो गाड़ी जल गई, उसमें कारतूस आ कहां से गए। इस बारे में आशीष को कैसे पता होगा।

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