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मरवाही जल संसाधन आफिस को बंद कर बोधघाट भेजने के विरोध में जकांछ ने कलेक्टर को सौंपा राज्यपाल के नाम ज्ञापन

मरवाही। छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री मरवाही जल संसाधन विभाग को समाप्त कर उसे बोध घाट में विलय करना चाहती है। छत्तीसगढ़ बनने के साथ ही वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने जल संसाधन संभाग मरवाही की स्थापना की थी, तब क्षेत्र में सिंचाई का रकबा 7% था और यहां पर जल संसाधन संभाग पेंड्रारोड के अधीन पूरा मरवाही क्षेत्र आता था।

अजीत जोगी ने सिंचाई रकबा बढ़ाने और कार्य जल्द पूर्ण कराने के लिए तत्काल निर्णय लेते हुए कई सिंचाई परियोजनाओं को उस दौरान मंजूरी थी और उन्हें त्वरित गति से पूर्ण करने के लिए नए जल संसाधन संभाग मरवाही की भी स्थापना अलग से कर दी थी जो जल संसाधन संभाग मरवाही आज भी कार्यरत है। उस दौरान अजीत जोगी के इस निर्णय के कारण मरवाही विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई का रकबा 7% से बढ़कर 30% पहुंच गया है।

नये जल संसाधन संभाग के बनने के बाद क्षेत्र में बांध, एनीकट, डायवर्सन, स्टापडेम बड़ी संख्या में बने और क्षेत्र में नहरों का जाल बिछा है और जैसा की सूचना मिल रही है कि विभाग का विलय हो जाएगा ऐसे में इन सभी योजनाओं पर भी क्रियान्वयन पर बाधा आएगी स्वर्गीय अजीत जोगी के निधन के बाद यह क्षेत्र प्रतिनिधित्व विहीन हो गया है, जैसा कि स्वयं अजीत जोगी कहा करते थे कि “मैं मरवाही का कमियां हूँ”

उनके निधन के बाद से ही अगर उनकी योजनाओं को बंद या विलय कर दिया जाएगा तो मरवाही की जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ होगा। अजीत जोगी जी ने अपने जीते-जी मरवाही में जो भी योजनाएं चालू की है वह मरवाही क्षेत्र में उनका प्रतीक चिन्ह है। अतः जन भावनाओं का भी सम्मान करते हुए आपसे अनुरोध है कि मुख्यमंत्री की इस तरह की कोई भी प्रस्ताव को जो मरवाही के साथ अन्याय को प्रतीत करता है। साथ ही इस पर निर्णय न होने पर आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी।

उपरोक्त ज्ञापन और विरोध के दौरान प्रमुख रूप से गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला अध्यक्ष शिव नारायण तिवारी, जिला पंचायत सदस्य पुष्पेश्वरी अर्जुन सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बूंद कुंवर सिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष देवकी ओट्टी, मूलचंद कुशराम, अशोज नगाइच, राम शंकर राय, प्रताप सिंह भानु, ओमप्रकाश बंका, राम निवास तिवारी, ओमप्रकाश जायसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुणा गणेश जायसवाल, जुबेर अहमद, पवन सुल्तानिया, जगदंबा अग्रवाल, नगर पंचायत उपाध्यक्ष पंकज तिवारी, लाल चंद वैश्य, ठाकुर अर्जुन सिंग निर्माण जायसवाल, नीलेश साहू, गणेश पांडे, सुमन वकरे दिलीप साहू, रेशम दाल कंवर, गोल्डी मंसूरी, छत्रपाल यादव, सूरज गुप्ता, लाल सिंह, आरमो बाबू, राम भागवती पोर्ते, सुमन सिंह वाकरे, उदय भान सिंह, दयाराम पाव, संपत सिंह मार्को, पीतांबर सिंह मार्को, दुर्गा पसारी, फत्ते सिंह, श्याम बांके, लाल पूरी, मनोज चंद्रा, तेज प्रताप, अहफाज नियाजी, दीपक पांडेय, रेहान नियाजी, धर्मेंद्र सोनवानी, गया राठौर, निवास लहरे, सूरज राठौर, शिव राठौर, चंदन राठौर, राहुल लालन, सावन रोहित, परवेज अली, कारण सिंह, लालू ध्रुवे, सत्यम भानु, वीरेंद्र सिंह बघेल, गिरेंद्र पेंद्रो, धनरूप मराबी, विनय चौबे, अशोक सिंह सेन्द्राम, सन्तोष साहू, सुमित श्रीवास, अशोक सोनी, फत्ते सिंह, श्याम, अशोक ठाकुर निमधा, गंगा प्रसाद केशरी, शंकर सिंह, बऊआ ठाकुर, अरविंद जायसवाल, छत्रपाल यादव, धर्मेंद्र सिंह छत्रपाल यादव, सूरज गुप्ता, मैकू भरिया पार्षद, शाहिद राइन पार्षद, नरेंद्र सिंह सरपंच, अर्जुन सिंह, मुकेश चंद्रवंसी, रेखा जयसवाल, राजेश साहू, अशोक साहू, रूप सिंह, ओमप्रकाश सलाम इत्यादि शामिल थे।

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