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जयसिंह अग्रवाल ने बालको प्रबंधन को लगाई फटकार, कहा- वायदा पूरा न होने पर स्थानीय समुदाय करेगा उग्र आंदोलन…

कोरबा। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बालको संयंत्र विस्तार परियोजना के लिए आयोजित हुई जन सुनवाई के दौरान प्रबंधन द्वारा किए गए वायदों को पूरा नहीं करने और नियमों को ताक पर रखते हुए मनमानी के लिए बालको के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व निदेशक अभिजीत पति को पत्र लिखकर कड़ी फटकार लगाई है।

राजस्व मंत्री ने पत्र में स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख किया है कि जन सुनवाई के दौरान किए गए वायदों पर तत्काल अमल करने के लिए 15 दिनों के भीतर बालको प्रबंधन को कार्य आरंभ कर देना चाहिए अन्यथा उसे व्यापक पैमाने पर जन आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है। राजस्व मंत्री द्वारा बालको सी.ई.ओ. को लिखे गए पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यदि बालको प्रबंधन अपने रवैये में बदलाव लाते हुए किए गए वायदों को पूरा करने की पहल नहीं करता है तो स्थानीय समुदाय से उसे उग्र आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है जिसके परिणामस्वरूप संयंत्र में तालाबंदी की स्थिति भी आ सकती है।

जयसिंह अग्रवाल ने जन सुनवाई के दौरान बालको प्रबंधन द्वारा किए गए बहुत से वायदों में से जिन प्रमुख बिन्दुओं को तत्काल पूरा करने के लिए पत्र लिखा है उनमें से प्रमुख रूप से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के बिन्दु पर लिखा है कि संयंत्र विस्तार कार्य के लिए बालको द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया था कि सम्पूर्ण कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। जबकि इसके ठीक विपरीत बालको द्वारा महानगरों से बड़ी-बड़ी ठेका कम्पनियों को सीधे कार्य आबंटित कर दिया गया। इन कम्पनियों द्वारा अपना सम्पूर्ण सेटअप यहां तक कि कुशल, अर्द्धकुशल एवं सामान्य मजदूर भी बाहर से लाकर कार्य में नियोजित किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे ठेकेदार जो निविदा माध्यम से ठेका प्राप्त कर स्थानीय मजदूरों को काम देते थे सभी बेरोजगार हो गए हैं। बालको संयंत्र के विस्तार परियोजना के लिए जन सुनवाई में बालको द्वारा उपरोक्त बिन्दुओं पर जो वायदा किया गया था ठीक इसके विपरीत मुम्बई, दिल्ली जैसे महानगरों को बालको द्वारा मालामाल एवं स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है जिसका जन मानस में भारी विरोध है।

इसी प्रकार से दर्री डेम (ध्यानचंद चौक) से लेकर परसाभाठा तक की सड़क का निर्माण कार्य करने के बाद डामरीकरण का कार्य करने की बात कही है ताकि भारी वाहनों के संचालन के समय आम नागरिकों को सुगम और सुरक्षित यात्रा की सुविधा प्राप्त हो सके जो आज तक प्रारंभ नहीं किया गया है।

इसके साथ ही पत्र में लिखा गया है कि कोरबा साकेत भवन के पास तानसेन चौक से बालको तक की सड़क का चौड़ीकरण करने के साथ ही डामरीकरण कराया जाएगा जिससे यात्रा करने वाले आमजन सुगमता के साथ सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें। इस दिशा में भी आज तक कार्य आरंभ नहीं किया गया है।

उपरोक्त बिन्दुओं के अलावा रोजमर्रा के जीवन में आम नागरिक प्रदूषण का जो दंश सह रहे है उस संबंध में जयसिंह अग्रवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा है कि बालको बिजली संयंत्र से निस्तारित फ्लाई एश (राखड़) का निपटान नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन करते हुए खुले वाहनों में परिवहन करते हुए बेतरतीब ढ़ंग से ले जाया जा रहा है तथा जीवन दायिनी नदी नालों एवं सड़कों तथा जंगल विभाग की खुली जमीनों में नियम विरूद्ध डाल दिया जा रहा है जिससे वायु एवं जल प्रदूषित हो रहा है। इसकी वजह से स्थानीय लोगों के साथ ही सड़क पर चलनेवाले आम नागरिक पूरी तरह से त्रस्त हो चुके हैं।

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