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आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा- भारत में रहने के लिए यहां का कानून मानना पड़ेगा ….

नई दिल्ली । भारत के नए आईटी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जो भी भारत में रहेगा उसे यहां के कानून मानने पड़ेंगे। बुधवार को ही शपथ लेने वाले और गुरुवार को प्रभार संभालने वाले वैष्णव का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब ट्विटर के नई आईटी नियमों को न मानने को लेकर विवाद छिड़ा है। अब तक आईटी मिनिस्टर रहे रविशंकर प्रसाद की ओर से भी कई बार इस संबंध में सख्ती के साथ बयान दिए गए थे और अदालत ने भी ट्विटर को फटकार लगाई है। हालांकि अब भी ट्विटर का कहना है कि भारत में शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए उसे दो महीने का वक्त लगेगा।

हालांकि अब भी ट्विटर के रवैये में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सोशल मीडिया कंपनी ने कहा कि उसे भारत में शिकायत अधिकारी नियुक्त करने के लिए 8 सप्ताह यानी करीब दो महीने का वक्त लगने वाला है। ट्विटर को दिल्ली हाईकोर्ट ने डेडलाइन दी थी, जो आज खत्म हो रही है। इससे पहले मंगलवार को हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए कहा था कि यदि ट्विटर की ओर से नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो फिर सरकार उसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए स्वतंत्र है।

ट्विटर को कोर्ट ने 8 जुलाई तक का वक्त दिया था, जिसमें उसे बताना था कि नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के अनुपालन में वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी (आरजीओ) की नियुक्ति कब तक करेगा। अब ट्विटर ने कोर्ट में बताया है कि उसे नया शिकायत अधिकारी नियुक्त करने में 8 हफ्ते का समय लगेगा। ट्विटर ने कोर्ट से यह भी कहा है कि वह भारत में संपर्क के लिए एक दफ्तर खोलने की तैयारी में हैं, जो भविष्य में ट्विटर से संपर्क करने के लिए स्थायी पता रहेगा।

ट्विटर ने यह भी बताया है कि आईटी नियमों के अनुपाल से संबंधित अपनी पहली रिपोर्ट वह 11 जुलाई तक पेश करेगा। ट्विटर ने कहा है कि वह 2021 से लागू नए आईटी नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उसे इन नियमों की वैधता को चुनौती देने का अधिकार है।

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