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50 हजार रुपए की सेलरी वाला इंदौर का इंजीनियर निकला करोड़पति…

इंदौर। देवास में पदस्थ टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग के मानचित्रकार विजय दरियानी के घर ईओडब्ल्यू उज्जैन ने गुरुवार को छापा मारा। इसमें करोड़ों की अवैध संपत्ति, 3 कारें, करीब डेढ़ लाख रुपए नकदी समेत कई फाइलें जब्त की हैं। इंदौर स्थित उसके आवास से टाउन प्लॉनिंग की कुछ जरूरी फाइलें और नक्शे भी मिले हैं। ग्राम निवेश के एक पूर्व अधिकारी गोयल और टाउन प्लॉनिंग के संयुक्त संचालक मुदगल से भी तार जुड़ने की बात की जा रही है।

बंगले में इंजीनियर ने लाखों रुपए के पौधे लगा रखे थे।

देवास में पदस्थ टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग का भ्रष्ट इंजीनियर विजय दरियानी लग्जरी लाइफ जीता है। 50 हजार रुपए महीना कमाने वाले इंजीनियर का 4000 वर्ग फीट का विशाल बंगला है। जिसमें सभी लग्जरी सुविधा मौजूद है। वह महंगे बोनसाई के पौधे मंगवाता है, महंगी विदेशी शराब का शौकीन है। उसकी लाइफ को देखकर अफसर भी दंग रह गए।

 

ईओडब्ल्यू की टीम सुबह करीब 6 बजे दरियानी के इंदौर के 4 अलग-अलग ठिकानों समेत देवास पहुंची। टीम में करीब 40 अफसर मौजूद थे। ईओडब्ल्यू के एसपी दिलीप सोनी ने दरवाजा खटखटाकर कहा कि बंगाली चौराहे में आपकी मोबाइल की दुकान में आग लग गई है। यह सुनते ही विजय दरियानी ने दरवाजा खोला। इतने में टीम घर के अंदर घुस गई। वह सारा मामला समझ गया।

लक्जरी बंगले में महंगा फर्नीचर और सभी सुविधाएं मौजूद हैं।

1984 में मानचित्रकार के रूप में नौकरी पर लगा था दरियानी

इस छापेमारी के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। विजय 1984 में मानचित्रकार (नक्शा ट्रैसर) के रूप में टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग विभाग में पदस्थ हुआ था। शुरुआत में विजय की सैलरी मात्र 500 थी। 37 साल की सर्विस हो चुकी है। वहीं, वर्तमान में 7 साल की नौकरी और बची थी। अभी उसकी सैलरी 50 हजार रुपए है। 19 लाख रुपए नकद मिलने के बाद कई दिशाओं में अब विभाग जांच करेगा।

 

महंगी और विदेशी शराब का है शौकीन

एसपी दिलीप सोनी के अनुसार सुबह 6 बजे कार्रवाई के दौरान इंदौर टीएनसीपी ऑफिस के दस्तावेज भी विजय के घर से मिले हैं। विजय 5 साल पहले ही इंदौर से हट चुका है। बावजूद विभाग की इतनी फाइलें सवालिया निशान भी खड़े करती हैं। विजय शराब का शौकीन है। कई महंगी शराब की बोतल भी मिली हैं। वहीं, छत पर रूफटॉप होटल की तरह सजावट कर रखी थी। कोई भी मेहमान आए तो उसे वेज और नॉनवेज दोनों तरह के स्वाद वह दे सके, इसके लिए अलग तरह का ट्रॉली सिस्टम बना रखा था। अगर शराब खत्म हो जाती थी, तो वह ट्रॉली नीचे भेजता था और उससे शराब छत पर फिर आ जाती थी।

 

पिता टीएनसीपी से ही हुए थे रिटायर

दिलीप के दो बेटे हैं। एक एमबीए कर रहा है, वहीं दूसरा बेटा बीकॉम कर रहा है। उसकी बंगाली चौराहे में मोबाइल की शॉप है, लेकिन वो सिर्फ दिखावे के लिए थी। दुकान से सिर्फ 15 मोबाइल मिले हैं। इस पर भी अब ईओडब्ल्यू जांच करेगी। आरोपी विजय ने अधिकतर संपत्ति मां के नाम से खरीदता था और कुछ सालों बाद उसे बेटे के नाम ट्रांसफर करवा देता था।

 

सर, मैंने आप को पहचान लिया

छापे के दौरान आरोपी विजय ने एसपी दिलीप सोनी से कहा था कि सर, मैंने आपको पहचान लिया। आप तो वही हैं, जो कुछ साल पहले लोकायुक्त एसपी थे। उस वक्त इंदौर की ज्वाइंट डायरेक्टर अनीता करोड़िया के घर छापा मारा था। इस पर दिलीप सोनी ने हां कहा।

 

50-50 हजार कीमत के बोनसाई पौधे लगा रखे थे घर और छत पर

दिलीप के घर में बोनसाई के महंगे पौधे भी मिले हैं। इसी तरह से हजारों की संख्या में पौधे बंगले में लगा रखे थे। गार्डनिंग का शौक होने के कारण वह इंदौर के भूमाफिया की नर्सरी से पौधे खरीदता था। इसकी भी जांच की जाएगी। इंदौर अग्रवाल पब्लिक स्कूल के सामने बने टिक मॉल में विजय ने कुछ समय पहले पूरा एक फ्लोर खरीदा था। उसमें बड़ी प्लॉनिंग थी, उसके दस्तावेज भी ईओडब्ल्यू टीम के हाथ लगे हैं। आगे की जांच की जा रही है।

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