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ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों में शिक्षा के प्रति बढ़ा रूचि, दिखने लगा बदलाव ….

मुंगेली । कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में जिले के पंजीकृत ईट भट्ठों में कार्य करने वाले 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए अभिनव पहल की गई है। ईंट भट्ठों में काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए जिला खनिज न्यास मद की राशि से पाठ्य सामग्री के साथ-साथ वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था की गई है।

उनके द्वारा बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा दी जा रही है। जिसके फलस्वरूप ईंट भट्ठों में काम करने वाले श्रमिकों के बच्चों में काफी बदलाव देखा जा रहा है। अपने माता पिता की मदद के लिए जिन बच्चों के हाथ कभी गिले मिट्टी से सने होते थे। अब उन बच्चों के हाथो में किताब, कापी, पेन दिखाई दे रहा है और वे सभी मन लगाकर पढ़ाई कर रहे है।

जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि ईंट भट्ठों में कार्य करने वाले श्रमिकों से जब उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में चर्चा किया गया तो श्रमिकों का कहना था कि स्कूल, ईट भट्ठों से काफी दूर है। निजी स्कूलों में फीस भी अधिक होती है। जिसके वजह से बच्चो को नही पढ़ा पा रहे थे। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर वसंत से चर्चा की थी। जिसके पश्चात कलेक्टर वसंत ने श्रमिकों के बच्चो की शिक्षा के लिए जिला खनिज न्यास निधि की राशि से वैकल्पिक शिक्षक एवं पाठ्य सामग्री की व्यवस्था के निर्देश दिए थे।

उन्होंने बताया कि निर्देश केे परिपालन में 01 फरवरी से श्रमिकों के बच्चों को ईंट भट्ठों के समीप ही गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराया जा रहा है। गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिलने से बच्चो की बुनियादी स्तर धीरे धीरे मजबूत हो रहा है। खेल-खेल में रुचि के साथ शिक्षा भी ग्रहण कर रहे हैं। बच्चो को समीप में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने से बच्चों के  माता-पिता में खुशी की झलक साफ दिखाई दे रही है। बच्चे भी शिक्षा के प्रति काफी उत्साहित नजर आ रहे है।

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