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हत्या के 14 साल पुराने मामले में सिपाही को आजीवन कारावास की सजा, दोस्त का अपहरण कर किया था मर्डर …

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की अदालत के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय सिंह पुंडीर ने दिल्ली पुलिस के एक सिपाही प्रदीप को उसके दोस्त जयवीर को अगवा कर उसकी हत्या करने के जुर्म में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी बिट्टू की मौत हो गई थी।

दिल्ली पुलिस के सिपाही को साल 2008 में अपने एक दोस्त का अपहरण कर हत्या के जुर्म में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उस पर 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष त्यागी ने रविवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल प्रदीप और उसके सहयोगी बिट्टू के खिलाफ मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र के भौरा खुर्द निवासी जयवीर सिंह के अपहरण और हत्या के मामले में संबंधित धाराओं में 30 अक्टूबर 2008 को मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था।

पुलिस में दर्ज शिकायत में मृतक जयवीर सिंह के भाई सोहनवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि पैसे के विवाद को लेकर बिट्टू की मदद से सिपाही प्रदीप ने उसके भाई जयवीर का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। जयवीर और प्रदीप के बीच पहले दोस्ती थी और उसने प्रदीप को दो लाख रुपये उधार दिए थे। सत्र अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रदीप को दोषी करार दिया।

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