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तेलीबांधा पेट्रोल पम्प में पेट्रोल पम्प की डमी रख बरसते पानी में भी किया विरोध दर्ज …

मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल की क़ीमत देश में 100 रु के पार किये जाने के विरोध प्रदर्शन का आज आठवाँ दिन

 

रायपुर (गुणनिधि मिश्रा)। देश में पिछले एक माह के दौरान पेट्रोल की क़ीमतो में 17 बार वृद्धि की गई, पेट्रोल की क़ीमत 100₹ के पार होने का रिकार्ड मोदी की सरकार ने अपने नाम पर स्थापित कर लिया है, पेट्रोलियम पदार्थ में लगातार वृद्धि होने से लोगों का बजट पूरी तरह से लड़खड़ा गया है लोगों का जीवन और कठिन हो गया है।

विनोद तिवारी ने पेट्रोल की क़ीमत 100₹ रुपया पार करने के विरोध में पिछले 7 दिन से अनोखा प्रदर्शन किया जा रहा है हू बहु 6 फ़िट के पेट्रोल पम्प की डमी तैयार किये गये उस पर मोदी आयल लिखा हुआ है साथ ये भी लिखा है की देश में पेट्रोल 100₹ के पार ये है मोदी का अत्याचार साइकिल रैली आदि किया जा रहा है।

आज पीसीसी द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार तेलीबांधा स्थित जय जवान पेट्रोल पम्प में बरसते पानी के बीच पेट्रोल पम्प की डमी लिये कार्यकर्ता खड़े रहे डमी के बीच खड़े कार्यकर्ताओं ने मोदी स्मृति ईरानी रमन सिंह और धर्मेंद्र प्रधान के मौखौटे पहन रखे थे पेट्रोल डालने पहुँचे लोगों ने भी इस विरोध का समर्थन किया कहा की मोदी सरकार सपना दिखा कर लूट ली 3 घंटे तक सभी कार्यकर्ता वहाँ खड़े रह कर अपना विरोध दर्ज किये विनोद तिवारी ने कहा की ये पेट्रोल मूल्य वृद्धि और महँगाई के विरोध में प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।

विनोद तिवारी ने ये भी कहा की ये वही लोग है जब युपीए की सरकार थी तब पेट्रोल डीज़ल की क़ीमत में थोड़ी से वृद्धि हुई थी तब ये लोग हमारी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी का पोस्टर महंगाई डायन बना कर जारी किया था स्मृति ईरानी से लेकर सभी लोग सड़क पर तमाश कर रहे थे चूड़ियाँ फ़ेक रहे थे वो आज कहां है क्यू चुप है जबकि आज तो उनकी ही सरकार है और पेट्रोल 100 के पार है कहा छुप कर बैठे है वो प्रदर्शनकारी शर्म आना चाहिये आम जनता के जेब में डाका डालते समय

मोदी की सरकार ने 1 साल में पेट्रोल डीज़ल के माध्यम से लिये जाने वाले टेक्स से 2 लाख 50 हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा कमाया है, इन्हें शर्म आनी चाहिये कोरोना काल में जब सरकार को लोगों की सहायता करनी चाहिये तब ये पेट्रोल की मूल्य वृद्धि कर आम लोगों के जेब में डाका डाल उनका जीवन और कठिन कर रहे हैं जबकि विश्व मार्केट में तेल की क़ीमत काफ़ी कम है फिर ये मूल्य वृद्धि क्यूं।

बात सिर्फ़ पेट्रोल डीज़ल की नही है आज गैस की क़ीमत को देख लो आसमान छू रही है सरसों का तेल 70 से 170 पहुँच गया है इसी तरह अन्य वस्तुएँ भी महँगी हुई है जिससे लोगों के घर का बजट बिगड़ गया है, ग्रहणीया घर कैसे चला रही है ये उनका दिल ही जनता है इस सरकार ने आम आदमी के जीवन में कितनी तकलीफ़ भर दी है ये दर्द वही समझ सकते है, ये सरकार तो ग्राहकों से मुनाफ़ा कमाने वाली सरकार बन गई है।

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