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पेगासस जासूसी मामले में कांग्रेस ने कहा- अमित शाह को पदमुक्त कर, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराएं जांच …

रायपुर। पेगासस जासूसी कांड के विरोध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं ने गुरूवार को राजीव भवन से राजभवन तक पैदल मार्च किया। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पदमुक्त करने तथा इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की।

बताया गया है कि पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल 2019 के आम चुनावों के दौरान फोन को हैक करने के लिये भी किया जा रहा था। पेगासस स्पाइवेयर और सभी एनएसओ उत्पाद केवल सरकार को ही बेचे जाते हैं। भारत सरकार और उसकी एजेंसियों ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, विपक्षी नेताओं, पत्रकारों, वकीलों के फोन हैक करने के लिये स्पाइवेयर खरीदा एवं दुरूपयोग कर प्रजातांत्रिक मूल्यों की हत्या किया है।

राज्यपाल से मिलने वालों में पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, डॉ. प्रेमसाय सिंह, कवासी लखमा, विधायक धनेंद्र साहू,सत्यनारायण शर्मा, रामगोपाल अग्रवाल,गिरीश देवांगन, प्रतिमा चंद्राकर,रवि घोष,चंद्रशेखर शुक्ला,राजेन्द्र तिवारी, शैलेश नितिन त्रिवेदी, विकास उपाध्याय, लक्ष्मी ध्रुव,अनिता शर्मा, हरीश कंवर,पूर्णचंद पाढ़ी, एजाज ढेबर,डॉ. थानेश्वर पाटिला, गिरीश दुबे उपस्थित थे।

पैदल मार्च में अमरजीत भगत, सुभाष धुप्पड़,शकुन डहरिया, महेन्द्र छाबड़ा, सुशील आनंद शुक्ला, घनश्याम राजू तिवारी, विकास तिवारी, अभय नारायण राय, अरूण ताम्रकार, प्रमोद दुबे, राजेन्द्र साहू, इदरीश गांधी, कोको पाढ़ी, दिलीप षड़ंगी,विकास बजाज, सीमा वर्मा, चुरावन मंगेशकर, अशोक राज आहूजा, सुरेश घिंगानी, शोभा कश्यप, शेख ताजीम आदि शामिल थे।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजनैतिक उद्देश्यों से की गई फोन हैकिंग के इस मामले में भाजपा सरकार पूरी तरह से घिर चुकी है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार गिराने 2019 लोकसभा चुनाव के पहले विपक्ष की जासूसी करने और छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस नेताओं के फोन हैकिंग में पेगासस के दुरुपयोग के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी के आरोपों पर एमनेस्टी ने भी खंडन कर दिया है। इससे स्पष्ट हो गया कि केंद्र सरकार, भाजपा आईटी सेल और भाजपा पेगासस के खुलासे से बुरी तरह से घिर चुकी है कि वह अब झूठ का सहारा इन आरोपों का खंडन करने के लिए ले रही है।

भाजपा प्रवक्ता व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने राजभवन मार्च को सियासी ड्रामा करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अपने राजनीतिक नाकारापन को ढंकने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। पहले की ही तरह कांग्रेस जासूसी मामले को लेकर अपने फैलाए झूठ के रायते पर फिसलकर औंधे मुँह गिर रही है, लेकिन तथ्य और सत्य से आंखें मूंद कांग्रेस के लोग झूठ की राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

सीएम बघेल द्वारा डॉ. रमन सिंह पर लगाया गया आरोप तथ्यहीन है, क्योंकि तमाम कवायद के बावजूद पेगासस सॉफ्टवेयर को पूर्ववर्ती सरकार द्वारा खरीदे जाने या इस्तेमाल किए जाने की पुष्टि नहीं हो पाई है। इससे स्पष्ट है कि ‘रमन-फोबिया’ से ग्रस्त कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री अब चरित्र हनन की घिनौनी राजनीति पर उतर आए हैं।

चंद्राकर ने कहा कि फोन टैपिंग का कांग्रेस का लंबा दागदार इतिहास रहा है। यूपीए शासनकाल में आलम यह था कि हर महीने 9000 से अधिक फोन टैप किए गए और तब के पीएम मनमोहन सिंह ने सारा ठीकरा एक प्राइवेट एजेंसी पर फोड़ दिया था।  

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