Breaking News
.

खस्ताहाल सड़कों को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई आज, तिफरा फ्लाई ओवरब्रिज की न्यायमित्र देंगे रिपोर्ट…

बिलासपुर। शहर की खस्ताहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई आज होगी। न्यायमित्रों ने इससे पहले 13 नवंबर को पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के जवाब की सच्चाई जानने के लिए सड़कों का निरीक्षण किया। इस दौरान ज्यादातर सड़कों की हालत खराब मिली, जहां निर्माण कार्य किया गया है, वहां भी सही तरीके से काम नहीं हुआ है। जबकि, ज्यादातर इलाकों में सड़कों की हालत अब भी बदहाल है। सुनवाई के दौरान न्यायमित्र कोर्ट में रिपोर्ट देंगे।

सड़कों की खराब स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। इसमें नगर निगम सीमा की बदहाल सड़कों को लेकर अधिवक्ता हिमांक सलूजा की याचिका पर कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, अधिवक्ता प्रतीक शर्मा, अधिवक्ता राघवेंद्र प्रधान को न्यायमित्र नियुक्त किया है। 13 नवंबर को न्यायमित्रों ने शहर की सड़कों का जायजा लिया।

वकीलों की टीम जिस रास्ते में गई, वह सड़कें खराब मिली। वकीलों ने तिफरा के निर्माणाधीन फ्लाई ओवरब्रिज से लेकर मंगला, रायपुर के लिए वैकल्पिक मार्ग, सरकंडा, जोरापारा, स्मार्ट रोड-2, व्यापार विहार स्मार्ट सिटी रोड सहित नगर निगम सीमा में पीडब्ल्यूडी व निगम की सड़कों को देखा,। तिफरा फ्लाई ओवरब्रिज का काम पिछले पांच साल से चल रहा है। लेकिन, अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। इसी तरह सड़कों की हालत में भी कोई सुधार नहीं हुआ है। मंगलवार को हाईकोर्ट की युगलपीठ में इस मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान वकील अपना रिपोर्ट देंगे।

पिछली सुनवाई में राज्य शासन, नगर निगम व पीडब्ल्यूडी की ओर से जवाब में बताया गया कि नगर निगम सीमा क्षेत्र की सड़कों को दुरुस्त कर लिया गया है। कुछ काम बाकी है, जिसका काम चल रहा है। नगर निगम व पीडब्ल्यूडी ने जल अमृत मिशन के पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदे गए सड़कों के गड्‌ढों को भर दिया है और डामरीकरण भी कर दिया है। लेकिन, इसके अलावा भी शहर व आसपास की सड़कों की हालत खराब है। जिसका काम अभी नहीं हुआ है। जिन सड़कों को निगम व पीडब्ल्यूडी ने बनाने का दावा किया था। वह भी अधूरे पड़े हैं।

न्यायमित्रों ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि नगर निगम ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में सड़कों का बुरा हाल है। लिहाजा, हाईकोर्ट ने बदहाल सड़कों को लेकर स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित पर सुनवाई शुरू की है। इस मामले में कोर्ट ने नेशनल हाइवे एवं छत्तीसगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को नोटिस जारी किया था। न्यायमित्रों ने प्रदेश की खराब सड़कों की रिपोर्ट भी हाईकोर्ट को सौंपी है। जिसे रिकॉर्ड में लिया गया है। कोर्ट ने एनएचआई के साथ ही राज्य सरकार को फोटोग्राफ्स सहित स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा है।

error: Content is protected !!