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लेडी ठग की करतूत: नौकरी के नाम पर कई बेरोजगारों को ठगा, हिंदू इलाकों में घरेलू हिंसा के पर्चे बंटवाती, मामला आते ही ब्लैकमेल करने लगती…

भोपाल/उज्जैन। यूनाइटेड अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार ट्रस्ट में रुपए लेकर फर्जी नियुक्तियां करने के मामले में उज्जैन में गिरफ्तार शिरीन हुसैन के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वह पंपलेट हिंदू इलाकों में बांटती और घरेलू हिंसा में पीड़ित महिलाओं को शिकायत के लिए कहती। जैसे ही महिला उसके पास आती, वह परिवार से ब्लैकमेलिंग शुरू कर देती। पैसे वाले अधेड़ और बुजुर्गों को शादी के झांसे में फंसा लेती। उनकी शादी कराती और बाद में युवतियों से कहकर एफआईआर दर्ज कराकर रुपए ऐंठती। यह भी बात समाने आई है कि वह मुस्लिम लड़कों को शादी के लिए हिंदू लड़कियों से मिलवाती थी। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

पुलिस ने शिरीन हुसैन पत्नी अनाम हुसैन (45) को रविवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे तीन दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसे शनिवार को उसके नागझिरी (उज्जैन) स्थित घर से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने रविवार को शिरीन के घर पहुंचकर भी छानबीन की। यहां से पुलिस को कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। वह खुद ट्रस्ट की महासचिव बताती थी, जबिक उसे पहले ही बर्खास्त कर दिया गया था।

अखबारों में पंपलेट डालकर महिलाओं को फंसाने का काम करती थी। ये पंपलेट हिंदू इलाकों में ही बांटे जाते थे। जैसे ही कोई महिला शिकायत लेकर पहुंचती, उसके केस की स्टडी करने के बाद दूसरे पक्ष को ब्लैकमेल करना शुरू कर देती थी।

शिरीन हुसैन अखबारों में प्रकाशित महिला उत्पीड़न, जमीनी विवाद, घरेलू हिंसा, श्रमिक शोषण पुलिस द्वारा FIR दर्ज न करने जैसे मामलों पर नजर रखती। वह पीड़ितों की आवाज उठाने के नाम पर लोगों से रुपए ऐंठती। शिरीन नेता और अफसरों से मिलकर उन्हें फूल, बुके या किसी तरह का प्रमाण पत्र देते हुए फोटो खिंचाती और फिर उसे फेसबुक और सोशल मीडिया पर वायरल करती थी। वह कहती थी मेरी इन सभी से सीधी बात है। इस नाम से भी वह पैसा कमाती रही।

उसके नेटवर्क में शामिल एक युवक ने पुलिस को बताया कि मैडम ऐसे लोगों को भी निशाना बनाती थी, जो अमीर हैं और उनकी शादी नहीं हो रही। उनके द्वारा संचालित एनजीओ में वे सुंदर लड़कियों को ही रखती थी। वे पहले ऐसे लोगों से खुद पहचान बनाती फिर शादी के लिए लड़कियां ऑफर कर देती थी। शादी के बाद में लड़कियों के जरिये ही उन पर केस लगवा देती। उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए लोगों से इकट्ठा की गई घर और दुकान की ओरिजनल रजिस्ट्री रखवा लेती।

शिरीन हुसैन निवासी आदर्श नगर, नागझिरी (उज्जैन) ने पैसे लेकर संगठन में कई नियुक्तियां कर दीं। शिरीन ने बुरहानपुर के करीब 30 लोगों से 60 हजार रुपए लेकर नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र भी जारी कर दिए। इसके अलावा उज्जैन में भी कई लोगों से पैसे लेकर नियुक्तियां दे दीं। यह शिकायत जब पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मधु यादव निवासी लखनऊ तक पहुंची तो उन्होंने पहले शिरीन को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। उल्टा संगठन के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। तब 6 सितंबर को मधु यादव ने उज्जैन आकर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव को कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मधु यादव ने 11 सितंबर को उज्जैन आकर नागिझरी थाने में शिरीन के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी।

शिरीन के गिरफ्तार होते ही कांग्रेस-भाजपा और मुस्लिम नेता उसे बचाने के लिए एक्टिव हो गए हैं। इन सभी को शिरीन के घर के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज में पकड़े जाने का डर है। शिरीन के कांग्रेस के साथ भाजपा नेताओं से भी गहरे संबंध हैं। कुछ ही दिन पहले शिरीन का महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने सम्मान भी किया था। वह गिरफ्तारी के तीन दिन पहले नवागत आईजी संतोष कुमार सिंह से भी मिल चुकी है। बताया तो यह भी जा रहा है कि उज्जैन के भाजपा के एक कद्दावर नेता के प्रतिनिधि से भी उसके नजदीकी संबंध हैं। यह प्रतिनिधि शिरीन के लिए और उसके माध्यम से लाइजनिंग का काम भी देखता है। इतना ही नहीं शिरीन के मामले में एक मुस्लिम नेता ने भी तीन लाख रुपए दिए हैं। इस मुस्लिम नेता का नाम पूर्व में प्रतिबंधित संगठन सिमी की आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ चुका है। चामुंडा माता चौराहे के नजदीक हुए सांप्रदायिक विवाद में भी उसका नाम प्रमुखता से आया था। इसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गया था।

उक्त महिला ठग अनाम नाम के व्यक्ति के साथ रहती है। अनाम नई सड़क पर फेमस रेडियो के नाम से कामकाज करता है। वह भाजपा व कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रमों में साउंड सिस्टम लगाता है। नई सड़क पर ही उसका घर भी है। यहां वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता है। दरअसल, शिरीन और अनाम दोनों की पहले भी एक-एक शादी हो चुकी है। इन शादियों से दोनों को बच्चे भी हैं। दोनों ने शादी से पहले अपनी एक-एक बेटी की शादी कर दी है। इसके बाद ही दोनों साथ रहने लगे। अनाम को जानने वाले कहते हैं पहले अनाम के पास इतना पैसा नहीं था, वह केवल मोटरसाइकल पर घूमता था। लेकिन शरीन के साथ रहने के बाद से अब वह कार में ड्राइवर रखकर चलता है।

शिरीन हुसैन लोगों से धोखाधड़ी करने के बाद अब पुलिस को गुमराह कर रही है। पूछताछ में पुलिस को उसने उज्जैन के एनआईएस कॉलेज के बारे में भ्रामक जानकारी दी। इसके आधार पर पुलिस ने कॉलेज पहुंचकर दस्तावेजों की छानबीन की। हालांकि, सीएसपी पल्लवी शुक्ला ने कहा कि शिरीन हुसैन द्वारा दी गई सभी जानकारियां भ्रामक है। संस्था में ऐसी कोई गड़बड़ नहीं मिली, जो शिरीन ने बताई थी।

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