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हमीदिया हादसा : 10 बच्चों के शव आए सामने, पूर्व सीएम ने कहा- आंकड़े छिपाने का चल रहा है खेल…

भोपाल। हमीदिया अस्पताल में आग लगने के बाद 8 बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है। जबकि अस्पताल मैनेजमेंट ने 4 बच्चों के मौत की पुष्टि की है। वहीं, हादसे पर पूर्व सीएम उमा भारती का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि कार्रवाई कर शिवराज राजधर्म निभाएं।

हमीदिया हादसे पर मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान ले लिया है। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जैन ने मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा हमीदिया अस्पताल अधीक्षक से एक हफ्ते में जांच रिपोर्ट मांगी है।

हमीदिया अस्पताल पहुंचे पूर्व सीएम कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आंकड़े छिपाने का खेल खेल रही है। मेरी मांग है कि हाईकोर्ट जज इसकी जांच करें। अभी जांच वो कर रहे हैं, जो खुद दोषी हैं। कमलनाथ करीब आधे घंटे अस्पताल में रुके। इधर, यह भी खबर आ रही है कि 10 में से 6 बच्चों की मौत अन्य कारण से हुई है।

इससे पहले अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान मंगलवार सुबह हमीदिया अस्पताल पहुंचे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हादसे की जांच की जिम्मेदारी सुलेमान को दी है। वे 20 मिनट तक ही यहां रहे। उनके साथ गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन भी थे। CM शिवराज भी हमीदिया आ सकते हैं।

परिजनों का दावा है कि 4 बच्चों की मौत की जानकारी सरकार की ओर से दी गई है, लेकिन आंकड़े इससे ज्यादा हैं। उनका कहना है कि रात ढाई बजे से मंगलवार सुबह तक अस्पताल मैनेजमेंट ने कई परिजन को उनके बच्चों की मौत की खबर दी है। ऐसे में आंकड़ा बढ़ सकता है। परिजन के आरोप पर मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि चार बच्चों की ही मौत हुई है, बाकी का बेहतर इलाज चल रहा है।

दोपहर 3 बजे: बच्चों के परिजन धरने पर बैठ गए हैं।

दोपहर 1.55 बजे: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अस्पताल का दौरा कर रवाना हो गए। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- आंकड़े छिपाने का खेल चल रहा है। ये दबाने और छिपाने के खेल से मध्य प्रदेश की जनता त्रस्त है। कोविड में भी ढाई लाख लोग मरे। सरकार ने दबाने-छिपाने का काम किया। वहां करीब 150 बच्चे थे, लेकिन बताए सिर्फ 40 जा रहे हैं।

दोपहर 1.17 बजे: पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ अस्पताल पहुंचे। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश मिश्रा भी साथ हैं। साढे़ पांच बजे स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव करने की बात कही है।

दोपहर 12.45: अस्पताल में एक व्यक्ति ने हंगामा कर दिया। उसका कहना था कि आज सुबह आठ बजे तक बच्चे को जिंदा देखा। दोपहर में बताया मौत हो गई। लाश लेने पहुंचा तो दूसरे का जला बच्चा थमा दिया। उसने शव लेने से इनकार कर दिया।

दोपहर 12.15 बजे: हमीदिया में बच्चा बदलने का आरोप लगाया गया। बागसेवनिया की पूनम का कहना है कि हादसे के बाद उसने अपने बच्चे को जीवित देखा था। सुबह विश्वास सारंग आए, तब भी उसने बच्चे की पहचान की थी। करीब 2 घंटे बाद उसे बताया गया कि उसका बच्चा मर गया है। जिस बच्चे की बॉडी दिखाई गई, वो उसके बच्चे की नहीं है। भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह भी हमीदिया अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

सुबह 11.38 बजे: कांग्रेस नेता अर्चना जायसवाल और पीसी शर्मा अस्पताल पहुंचे। दोनों अंदर जाना चाहते थे। इसे लेकर पुलिस और कांग्रेस नेताओं में बहस हो गई।

सुबह 11.15 बजे: बच्चों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया। सात बच्चों के शव मॉर्च्यूरी लाए गए हैं।

सुबह 11 बजे: मंत्री विश्वास सारंग को लोगों ने घेर लिया। मंत्री ने उन्हें समझाते हुए कहा कि 4 बच्चों की ही मौत हुई है, बाकी बच्चों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। परिजन को 4-4 के ग्रुप में बच्चों के पास ले जाया जाएगा। हादसे के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे। इसके बाद लोग शांत हुए।

शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग

प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया के कैम्पस में बने कमला नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल में सोमवार रात 9 बजे आग लग गई थी। आग अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बच्चा वार्ड के SNCU में लगी। यहां 40 बच्चे भर्ती थे। बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हादसा हुआ और पीडियाट्रिक वेंटिलेटर ने आग पकड़ ली। फिर ये आग उस वॉर्मर तक पहुंच गई, जिसमें बच्चों को रखा गया था।

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