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नहीं रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री ऑस्कर फर्नांडीज, दो महीने से भर्ती थे अस्पताल में …

नई दिल्ली। 80 वर्षीय ऑस्कर फर्नांडीज का पिछले दो महीने से मंगलुरू के येनोपोया अस्पताल में इलाज चल रहा था। 18 जुलाई को वह घरेलू कामकाज करते हुए चोटिल हुए थे। इसके चलते उन्हें सिर में अंदरूनी चोटें आई थीं। 19 जुलाई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां 27 जुलाई को ब्रेन सर्जरी के बाद खून के थक्के हटाए गए थे। इसके बाद से उनकी लगातार डायलिसिस चल रही थी। कांग्रेस ने उनकी मौत पर शोक जताते हुए ट्वीट किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडीज का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।

मूल रूप से उडुपी के रहने वाले ऑस्कर फर्नांडीज 1980 में पहली बार एमपी बने थे। यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान सड़क, यातायात और हाईवे, श्रम और रोजगार, सांख्यिकी और प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन और विदेश मामलों के कैबिनेट और राज्य मंत्री थे। ऑस्कर फर्नांडीज इंदिरा गांधी के परिवार के बेहद करीबी थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, उनकी पत्नी सोनिया और बेटे राहुल गांधी से भी उनकी खासी बनती थी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया। वह नेशनल हेराल्ड के छह ट्रस्टीज में भी शामिल थे।

ऑस्कर फर्नांडीज 1980 से 98 के बीच उडुपी से लोकसभा सांसद रहे थे। इसके बाद साल 1998 से वह राज्यसभा के सदस्य बन गए थे। उन्होंने हाईस्कूल तक की अपनी पढ़ाई उडुपी से ही की थी। वहीं महात्मा गांधी मेमोरियल कॉलेज उडुपी से उन्होंने ग्रेजुएशन किया था। उन्होंने यूथ कांग्रेस के साथ राजनीति की शुरुआत की थी। साल 1972 में वह उडुपी सिविक बॉडी में चुने गए थे। 1980 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद वह यहां से 1998 तक लगातार जीतते रहे। 1998 में फर्नांडीज को भाजपा के आईएम जयराम शेट्टी के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

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