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बीजेपी के पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह ने बेंगलुरू में ली अंतिम सांस…

रायपुर। बिलासपुर के पूर्व सांसद स्व. दिलीप सिंह जूदेव के छोटे बेटे युद्धवीर सिंह आज सुबह 4 बजे 37 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से लीवर की समस्या से जुझ रहे थे। उन्हें इलाज के लिए दिल्ली और फिर बेंगलुरू के एक निजी अस्तपताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका लीवर ट्रांसप्लांट होना था। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था।

 

 

युद्धवीर सिंह अपने बेबाक बोल के चलते विपक्ष में रहते हुए भी वह हमेशा चर्चित रहे। युद्धवीर सिंह अपने स्व. पिता जूदेव सिंह के नक्शे कदम पर चलते रहे। उनकी इसी काबिलियत ने उन्हें कम समय में ही राजनीतिक जीवन में पहचान दे दी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद से उनका सफर शुरू हुआ, फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद वे चंद्रपुर से 2 बार विधायक चुने गए। पहली बार 2008 में और फिर 2013 में दोबारा विधायक निर्वाचित हुए। वह संसदीय सचिव और दूसरे काल में बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष भी बनाए गए।

 

 

युद्धवीर सिंह बीमार होने के बाद भी अंतिम समय तक लोगों के लिए संघर्ष करते रहे। भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठाते रहे। जीवन के आखिरी पड़ाव में उन्होंने बहुजन हिंदू परिषद की कमान संभाली और हिंदुत्व के लिए बोलते रहे। वहीं भ्रष्टाचार और शासन-प्रशासन की अनियमितताओं को लेकर, राज्य की ज्वलन्त समस्याओं पर आवाज बुलंद की।

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