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20 वर्षों में पहली बार जोगी परिवार चुनाव मैदान से बाहर, किस डॉक्टर के पास होगी मरवाही के मर्ज की दवा …

मरवाही। मरवाही के 20 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार रहेगा जब जोगी परिवार इस चुनाव से पूरी तरह “आउट” रहेगा और कांग्रेस व भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला होगा। दूसरी ओर अब अमित जोगी अपनी भूमिका किस प्रकार यहां तय करते हैं यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

मरवाही उपचुनाव अब अपने चरम पे है। मरवाही अब तक जोगी परिवार का गढ़ रहा है। यहाँ सन 2000 में जब अजित जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने तब तात्कालिक विधायक रामदयाल उइके ने मरवाही विधानसभा से इस्तीफा देकर अजित जोगी के लिए अपना सीट खाली किया था। तब से आज लगभग 20 वर्षों तक मरवाही विधानसभा में जोगी परिवार का ही दबदबा था और कभी अजित जोगी तो कभी अमित जोगी इस दबदबे को मरवाही में जमकर भुनाया करते थे।

यही नहीं चुनाव के समय मे भी अजित जोगी यदाकदा ही मरवाही आते थे और बिना आये ही मरवाही में रिकार्ड मतों से चुनाव जीतते थे। पर 20 सालों बाद यह पहला मौका रहेगा जब जोगी परिवार का कोई सदस्य मरवाही चुनाव में नहीं होगा। कल ही इस उपचुनाव में अमित जोगी और ऋचा जोगी का नामांकन रद्द हुआ है। यही नहीं जोगी कांग्रेस के दो अन्य लोगों के भी नामांकन रद्द हो जाने पर इस उपचुनाव से जोगी परिवार क्या जोगी कांग्रेस पूरी तरह से आउट हो गई है और अब सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही होगा।

देखना यह है कि बिना जोगी परिवार के मैदान में उतरे यह चुनाव किस मोड़ में पहुचती है। अलबत्ता मरवाही कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। फिर भी कांग्रेस के डॉ. केके ध्रुव व भाजपा के डॉ गंभीर सिंह जो कि इस चुनाव में क्रमशः कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी हैं। देखना यह है कि दोनों डॉक्टरों में कौन मरवाही के मर्ज की दवा करता है यह तो 10 नवम्बर को ही पता चल सकेगा। वैसे अभी अमित जोगी के पत्ते खोलना भी बाकी है।

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