Breaking News
.

केवल पंजशीर नहीं पूरे अफगानिस्तान के लिए लड़ रहे जंग, अहमद मसूद ने तालिबान से कहा- बने समावेशी सरकार …

नई दिल्ली । तालिबान के खिलाफ पंजशीर वैली में विद्रोह का झंडा बुलंद करने वाले अहमद मसूद की तरफ से कहा गया है कि वो काबुल प्रशासन का हिस्सा तब ही बनेंगे जब एक समावेशी सरकार को लेकर समझौता होगा। अहमद मसूद के प्रवक्ता फहीम डैस्टी ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि अभी तक तालिबान से कोई समझौता नहीं हुआ है और बातचीत जारी है।

तालिबान ने अब तक पूरे अफगानिस्तान पर अपना कब्जा किया है लेकिन पंजशीर में तालिबान अब तक नहीं घुस सका है। अहमद मसूद की अगुवाई में नॉर्द एलायंस ने तालिबान को पंजशीर के बाहर ही रोक रखा है। अहमद मसूद अभी पंजशीर वैली में ही मौजूद हैं और उनके साथ पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह भी हैं।

अहमद मसूद के प्रवक्ता ने कहा कि ‘हम सिर्फ एक प्रक्षेत्र के लिए नहीं बल्कि पूरे अफगानिस्तान के लिए जंग लड़ रहे हैं। हमें अफगानिस्तान की महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की चिंता है। तालिबान ने अभी तक समानता और अधिकारों के बारे में कुछ भी नहीं कहा है।’

आपको बता दें कि पंजशीर वैली के आस-पास की सड़कों पर अहमद मसूद के लड़ाके मौजूद हैं। इस गुट में वैसे लड़ाके शामिल हैं जो सैनिक और पूर्व जेहादी कमांडर रह चुके हैं। इस गुट ने साफ किया है कि उन्हें तालिबान की गुलामी मंजूर नहीं और वो समावेशी सिस्टम चाहते हैं।

अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद इस वक्त नॉर्दर्न एलायंस की अगुवाई कर रहे हैं। जबकि अफगानिस्तान के कार्यकारी राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह भी इसी इलाके में रुके हुए हैं। सभी की ओर से बातचीत की पेशकश की गई थी, लेकिन ये भी कहा गया था कि अगर तालिबान जंग चाहेगा तो जंग भी लड़ी जाएगी।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि नॉर्दन एलायंस और तालिबान के बीच परवान में बातचीत शुरू हो चुकी है। तालिबान की ओर से बातचीत की अगुवाई मौलाना अमीर खान मुक्तई कर रहा है। इस बातचीत में नॉर्दन एलायंस के सरकार में शामिल होने पर सहमति बन सकती है।

error: Content is protected !!