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नर्मदा का जल स्तर बढ़ने से टॉपू में तब्दील हुए खेत-खलिहान…

बड़वानी। नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नर्मदा नदी किनारे बसे कई गांव प्रभावित हो रहे हैं। कई खेत-खलिहान टॉपू बन चुके हैं। इस कारण खेतों में आना-जाना करने को लेकर अन्नदाता बेहद परेशान हो रहे हैं। दरअसल, सरदार सरोवर बांध के बैक वॉटर से डूब प्रभावित क्षेत्र में आने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में यह इलाके डूबने लगते हैं। डूब क्षेत्र के कारण कई खेत-खलिहानों में इस तरह जल भराव होता है कि क्षेत्र टॉपू बन जाता है।

जलस्तर बढ़ने से मशक्कत करते लोग।

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश हैं कि ऐसे टॉपू बने खेत-खलिहानों और अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए यदि छोटे-छोटे मार्ग, पुल-पुलिया निर्माण कर दिया जाए, तो वहां के किसानों को फसल लगाने सहित उसे लाने-ले जाने में सुविधा रहेगी। बावजूद इसके शासन की अनदेखी के चलते वर्षों से चिंहित ऐसे खेत-खलिहानों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। परिणामस्वरूप वे अपने खेतों में काम नहीं कर पाते हैं और फसलें काटकर नहीं ला पाते हैं। वे जान-जोखिम में डालकर फसल को निकालकर कम मूल्य पर बेचने को मजबूर हैं। इस कारण आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अभी वर्तमान में नर्मदा नदी का जलस्तर 130-200 के करीब है। भविष्य में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है, जिससे किसानों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी। डूब प्रभावितों ने मांग की है कि शासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देकर टॉपू बने स्थानों पर समय रहते पुल व पुलियाओं का निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि समस्याओं को समाधान हो सके।

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