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कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है देव दिवाली, जानिए क्या है पूजन की विधि…

नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में अन्य त्योहारों के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था। इसी खुशी में देवताओं ने दीप प्रज्जवलित किए थे। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिवाली मनाने की परंपरा है। जानिए देव दिवाली या कार्तिक पूर्णिमा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं-

कार्तिक पूर्णिमा पर करें ये काम-

  1. पूर्णिमा स्न्नान का महत्व शास्त्रों में वर्णित है। इसलिए इस दिन किसी पवित्र नदी में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए और उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।
  2. पूर्णिमा तिथि को दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन हर व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन चावल का दान करने से चंद्रमा मजबूत होता है।
  3. कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन दीपदान करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं।
  4. कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी जी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसके साथ ही विष्णु भगवान के शालीग्राम अवतार की पूजा करनी चाहिए। मान्यता है ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
  5. कार्तिक पूर्णिमा पर घर के द्वार पर आम के पत्तों और फूलों से तोरण बनाएं। इस दिन सत्यनारायण कथा सुननी चाहिए। मान्यता है ऐसा करने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं।

पूर्णिमा तिथि पर न करें ये काम-

  1. इस दिन वाद-विवाद से बचना चाहिए।
  2. मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  3. किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।

कार्तिक पूर्णिमा शुभ मुहूर्त-

  1. कार्तिक पूर्णिमा तिथि आरंभ- 18 नवंबर 2021दोपहर 12:00 बजे से
  2. कार्तिक पूर्णिमा तिथि समाप्त- 19 नवंबर 2021 दोपहर 02:26 पर
  3. कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय- 17:28:24
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