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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद भी नगर निगम में जांच को दबाने का प्रयास …

कोरबा (गेंदलाल शुक्ल) । नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य लेखा अधिकारी पीआर मिश्रा के खिलाफ मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई जांच अधर में लटक गई है। नगर में प्रचारित किया जा रहा है कि जांच होकर जांच रिपोर्ट संयुक्त संचालक नगरीय निकाय एवं विकास विभाग, बिलासपुर को भेज दी गई है, जबकि संयुक्त संचालक ने बताया है कि उक्त संबंध में उन्हें नगर निगम कोरबा से कोई भी जानकारी नहीं मिली है।

उल्लेखनीय है कि मुख्य लेखा अधिकारी पीआर मिश्रा के खिलाफ अपने एक रिश्तेदार को लाभ पहुंचाने के लिए अनियमितता बरतने की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की गई थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की जांच का निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार संयुक्त संचालक नगरीय निकाय एवं विकास बिलासपुर ने 9 जून को नगर निगम कोरबा के आयुक्त को तीन दिनों में शिकायत की जांच कर संबंधित अभिलेखों सहित रिपोर्ट तलब की थी।

इस संबंध में नगर निगम आयुक्त एस. जयवर्धन ने बताया कि उक्त आदेश अब तक उसके समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने आदेश के संबंध में जानकारी लेने की बात भी कही है। दूसरी ओर नगर निगम के कर्मचारी मामले की जांच कर संयुक्त संचालक को भेज देने की भ्रामक सूचना प्रचारित कर रहे हैं। साथ ही शिकायत को निराधार भी बता रहे हैं। उधर शनिवार को संयुक्त संचालक बिलासपुर हिमांशु तिवारी ने बताया कि उक्त आदेश के संबंध में शनिवार तक नगर निगम कोरबा से उन्हें कोई भी जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।

ज्ञात हो कि मुख्य लेखा अधिकारी पीआर मिश्रा मंगलवार 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सवाल यह है कि जांच पूर्ण होने से पहले ही उन्हें क्लीन चिट मिलने का भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है और सेवानिवृत्ति के बाद कहीं उनके खिलाफ जांच को रफा-दफा तो नहीं कर दिया जाएगा? क्या उन्हें बचाने की कोई साजिश की जा रही है?।

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