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दिल्ली दरबार : भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है दबाव में हैं मोदी और शाह …

नई दिल्ली (पंकज यादव) पिछले कुछ सालों से यह कहा जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हवाले हैं। यानि पार्टी का हर फैसले के पीछे इनका ही हाथ होता है। लेकिन हाल के दिनों में घटे कुछ घटनाक्रम ने यह जताने का प्रयास किया है कि सब कुछ ठीक नहीं है। न तो प्रधानमंत्री की बात सुनी जा रही है और न ही गृह मंत्री। हालांकि पर्दे के पीछे का सच यही है कि अगर मोदी और शाह को भाजपा से दूर ​कर दिया जाए तो नेतृत्व की लड़ाई शुरू हो जाएगी।

इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारी दबाव में हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इन दोनों दिग्गज नेताओं को चिंता इस बात की है कि जिस पार्टी को इन्होंने दुनिया के सबसे बड़े कार्यकर्ताओं वाली पार्टी का दर्जा दिलवाया आज वहां आपसी गुटबाजी बढ़ती जा रही है। अब उदाहरण उत्तर प्रदेश का ही लें तो नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया लेकिन योगी आदित्यनाथ अब नरेंद्र मोदी की ही बात को अनसुना कर रहे हैं। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथ भले ही प्रदेश की कमान है लेकिन केंद्रीय नेतृत्व की अवहेलना उन्हें भी भारी पड़ सकती है। कर्नाटक, त्रिपुरा, उत्तराखंड में भी भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। वहां भी वहीं बात निकलकर आती है कि क्या राज्य के नेताओं के भरोसे पार्टी को छोड़ा जा सकता है। शायद नहीं इसलिए कमान अब मोदी और शाह के पास ही है। लेकिन चिंताएं भी वाजिब है कि अगर इन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा पिछड़ती है तो केंद्र में 2024 की राह आसान नहीं होगी। इसमें भी ज्यादातर राज्यों में सत्ता मोदी—शाह की जोड़ी के समय ही बनी। एक के बाद एक राज्य जीतने का श्रेय, ​पश्चिम बंगाल में ​मुख्य विपक्षी दल बनने का श्रेय इसी जोड़ी को जाता है। इस जोड़ी की अब चिंता यह है कि कहीं उनकी मेहनत पर प्रदेश के नेता पानी न फेर दें।

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