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कमर्शियल माईनइंग और कोल ब्लॉक को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में माकपा ने किया विरोध-प्रदर्शन

कोरबा (गेंदलाल शुक्ल) । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने नरेंद्र मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ करोना महामारी के राहत पैकेज के नाम पर फंड जुटाने देश के सार्वजनिक उद्योगों को बेचने का आरोप लगाते हुए एसईसीएल सुराकछार गेट के सामने भारी विरोध-प्रदर्शन किया।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार देश की सार्वजनिक संपत्तियों को विनिवेशीकरण, निजीकरण करने जा रही है। आज से कोल ब्लाक की नीलामी की प्रक्रिया चालू कर रही है। साथ ही कमर्शियल माइनिंग कर निजी मालिकों को कोयला खुले रूप से कोयला बेचने का अधिकार दे दी है। जिससे कोल इंडिया का अस्तित्व खत्म होने वाला है। साथ ही श्रम कानूनों में परिवर्तन कर मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है।

माकपा 2 से 4 जुलाई तक कोयला उद्योग में होने वाले देशव्यापी हड़ताल का समर्थन भी किया। माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने कहा कि कोरबा जिले में भी घने जंगलों को उजाड़ कर आदिवासियों को जल-जंगल-जमीन से बेदखल करने पर्यावरण को खतम करने की शाजिस कर देश को देशी-विदेशी पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की प्रक्रिया चालू कर दी है।

आज एसईसीएल सुराकछार मेन गेट के सामने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति सीटू ने जमकर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर कमर्शियल माइनिंग रद्द करो, कोल ब्लॉक को निजी हाथों में सोंपने बंद करने, कोयला उद्योग का निजीकरण रद्द करने, श्रम कानूनों में परिवर्तन कर कोयला मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश बंद करने, राहत पैकेज के लिए सार्वजनिक उद्योगों की बिक्री बंद करने की मांग करते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किए।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से जनवादी महिला समिति की प्रदेश संयोजक धनबाई कुलदीप, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, हुसैन अली, जनक दास, रामचरन चंद्रा, लंबोदर, जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार शामिल थे।

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