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मरवाही उपचुनाव में मठा डालने तो नहीं गए हैं बिलासपुर के कांग्रेस नेता ….

मरवाही {प्रमोद शर्मा} । मरवाही उपचुनाव के लिए अभी नामांकन दाखिल हुआ है। चुनाव प्रचार बाकी है। ऐसे में बिलासपुर के कांग्रेस नेता कार्यक्रमों में गुटबाजी को जगजाहिर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चुनाव मरवाही में हो रहा है और शहरी नेता नेतागिरी चमकाने में लगे हुए हैं। नामांकन रैली के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में गुटबाजी साफतौर पर देखने को मिली। इन सब हरकतों से मरवाही के जमीनी नेता नाराजगी जाहिर करने लगे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मरवाही उपचुनाव को पूरी गंभीरता के साथ लड़ना चाह रहे हैं। यहां के प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल नए-पुराने सभी नेताओं को तवज्जो दे रहे हैं और पूरा कार्यक्रम स्थानीय संगठन के हिसाब से कर रहे हैं। जिस कार्यक्रम में जयसिंह अग्रवाल मौजूद रहते हैं वहां गुटबाजी देखने को नहीं मिलती मगर जब भी बिलासपुर के नेता यहां मौजूद रहते हैं तब वे अपने कुछ खास लोगों को लेकर चलने लगते हैं। यही वजह है कि कई पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता कार्यक्रमों से कन्नी काटने लगते हैं।

16 अक्टूबर को कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केके ध्रुव ने नामांकन दाखिल किया। इस दौरान यहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम व प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल सहित दिग्गज कांग्रेस नेता मौजूद थे। इनकी मौजूदगी और दिशा-निर्देश का कांग्रेस के बड़े नेताओं में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इनकी गुटबाजी भी स्पष्ट रूप से आज के कार्यक्रम में देखने को मिली। आज कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केके ध्रुव का नामांकन के साथ ही परिचय का दिन था, तब भी बिलासपुर के एक कांग्रेस नेता के गुट विशेष ने मंच में गुटबाजी का कोई कसर नहीं छोड़ा।

गुटबाजी का आलम यह था कि मंच से विधायकों का नाम भी नही लिया गया। यही नहीं मंच में केवल जोगी कांग्रेस और भाजपा से आये नेता ही दिख रहे थे।मंच में डॉ नरेंद्र राय को छोड़कर कोई भी पुराने कांग्रेसी नहीं दिखे। रही-सही कसर कोटा क्षेत्र के गौरेला पेंड्रा शहर के कांग्रेसी नेताओं को मंच में जगह देकर पूरी कर दी गई। इन सबसे मरवाही क्षेत्र के कांग्रेसियो में भारी रोष देखने को मिला।

किसी जमाने में अजित जोगी से लेकर भाजपा सहित दो दो विपक्षों को झेलने वाले कांग्रेसी नेताओं जो कांग्रेस के लिए डंडे, लाठी खाये, जेल तक गए आज उनकी हैसियत देखते ही बनती थी। कांग्रेसियों ने इसके लिए बिलासपुर के एक गुट विशेष के कांग्रेसी नेताओं के ऊपर दोष मढ़ा।जितने वरिष्ठ कांग्रेसी, आदिवासी नेता व महिला कांग्रेस नेत्री थे वे मंच में फटक भी नही पाए। कुछ नेता तो इसके लिए जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज गुप्ता की मौन को भी दोषी मानते हैं। पुराने कांग्रेसी नेताओं व आदिवासी नेताओ को सम्मान न मिलने से कांग्रेस नेताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है।समय रहते अगर इस पर अंकुश नही लगाया तो  निश्चित रूप से मरवाही विधानसभा उपचुनाव में इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है।

 हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल समय समय पर कांग्रेसी नेताओं को किसी भी प्रकार की गुटबाजी नही करने की हिदायत दे चुके हैं। यही नहीं भूपेश बघेल ने मंच से ही सभी सेक्टर व बूथ प्रभारियों को तन मन धन से ईमानदारी पूर्वक काम करने को भी कह गए हैं।

 

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