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पायलट और गहलोत में सुलह के लिए कांग्रेस ने निकाला 5:4 का फॉर्मूला, अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संभाली कमान …

नई दिल्ली। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सियासी तकरार जारी है। पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दोनों के बीच जारी मनमुटाव को कम करने के लिए अब कमान संभाल ली है। घटनाक्रम से वाकिफ एक कांग्रेस पदाधिकारी ने कहा कि यह गहलोत और सोनिया गांधी के बीच शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने दिल्ली में गहलोत के साथ बैठक भी की है। इस बैठक में एक फॉर्मूले पर सहमति बनने की बात कही जा रही है।

उन्होंने न केवल राजस्थान की राजनीति और हाल के विधानसभा उपचुनावों की जीत पर चर्चा की बल्कि गुजरात, पंजाब और उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों पर चर्चा की। इससे पहले बुधवार को सीएम गहलोत ने एआईसीसी महासचिवों के साथ लगभग तीन घंटे की लंबी चर्चा की और फेरबदल और नियुक्तियों को अंतिम रूप दिया।

घटनाक्रम से वाकिफ कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के सहयोगियों को कम से कम चार और गहलोत के करीबियों को पांच मंत्री पद मिलने की संभावना है। 30 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में नौ रिक्तियां हैं। ये पद जुलाई 2020 में पायलट और उनके करीबियों के इस्तीफा देने के बाद से खाली पड़े हैं।

अशोक गहलोत ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में फैसला उन्होंने आलाकमान पर छोड़ दिया है। गहलोत ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने विचार पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखे हैं और आपस में हुई बातचीत के आधार पर जो भी फैसला होगा, वह सबको मंजूर होगा।

इससे पहले अशोक गहलोत ने बुधवार को दिल्ली में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन के साथ लंबी बैठक हुई जिसमें मंत्रिमंडल के विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियों और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर जल्द ही अंतिम निर्णय होने की संभावना है।

गहलोत की कांग्रेस अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक से पहले, उनके प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की बुधवार को वेणुगोपाल के साथ बैठक हुई। इस बैठक के बाद पायलट ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस की सरकार बनाने वाले कार्यकर्ताओं को भागीदारी मिलनी चाहिए और यह काम जल्द होना चाहिए।

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