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कांग्रेस ने पूछा- रमन सिंह यह बता दें कि नान घोटाले में सीएम मैडम कौन है …

रायपुर। नान घोटाले पर भाजपा का चरित्र फिर से उजागर हुआ है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि नान घोटाले पर भाजपा की पत्रकारवार्ता उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की उक्ति को चरितार्थ करती है। नान घोटाले की प्रेस कांफ्रेंस लेने वाले वही हैं, जो 15 साल के इसी 36 हजार करोड़ नान के घोटाले के सबसे बड़े भागीदार रहे हैं। सबसे पहले डॉ रमन सिंह यह बतायें कि नान घोटाले के डायरी में दर्ज सीएम मैडम कौन थीं ? ऐश्वर्या रेसिडेन्सी का नाम किसकी साली के लिए आया था? इन नामों पर पिछली सरकार में क्या जांच की गयी थी?

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अगर रमन सिंह चाहते हैं सच में कि नान घोटाले के वास्तविक आरोपी सामने आए तो रमन सिंह को बता देना चाहिए की सीएम मैडम कौन है? इस खुलासे के बिना केस अधूरा है इसी को रोकने के लिए तो इसी खुलासे को रोकने के लिए तो नेता प्रतिपक्ष ने याचिका लगाई थी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार पर झूठे आरोप मढ़ने के बजाय नान घोटाले में अपनी स्वयं की सरकार की जिसने जांच को कमजोर किया और जांच को रोकने में अपनी भूमिका को भाजपा स्वीकार करें।

शैलेश ने कहा है कि जब दोनों आईएएस की केंद्र से अभियोजन स्वीकृति जून 2016 में आ गयी थी तो चालान के लिए दिसम्बर 2018 का क्यों इंतेज़ार किया गया? रमन सिंह को बताना चाहिये कि शिव शंकर भट्ट ने उनकी सरकार के किस मंत्री के ऊपर आरोप लगते हुए पोल खोल अभियान किया था? विक्रम उसेंडी एवं धरमलाल कौशिक क्यों नहीं चाहते कि नान केस में अग्रिम जांच हो? दोनों भाजपा नेताओं ने हाई कोर्ट में अग्रिम जांच पर रोक लगाने की याचिका दायर क्यों की है ? भट्ट के 113 पन्नों में 107 पन्ने वो कौन से हैं जिसे दबा दिया गया था ? उन 107 पन्नों को क्या इसलिये दबाया गया था कि इन पन्नो में सी एम मैडम के अलावा सीएम सर का भी ज़िक्र था ?

त्रिवेदी ने कहा है कि नान मामले की पूरी जांच रमन सिंह जी के कार्यकाल में हुई और अगर आज रमन सिंह सरकार जाने के 3 साल बाद यह कह रहे हैं कि केस कमजोर हुआ है तो स्वयं मुख्यमंत्री के रूप में उनको इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करना चाहिए। 36 हजार करोड़ का नान घोटाला, 20 लाख फर्जी राशन कार्ड से गरीबों के राशन में घोटाला और रमन सिंह चाउर वाले बाबा बनते थे उन्होंने 36 हजार करोड़ का नान घोटाला कैसे होने दिया और इस केस को कमजोर कैसे होने दिया इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें। अगर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद एसआईटी गठित की गई नान की जांच के लिए भाजपा के वर्तमान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और विक्रम उसेंडी ने अदालत में जाकर, उच्च न्यायालय में जाकर जांच में रोक लगाने की याचिका दायर की थी। जिन्होंने जांच में रोक लगाने की याचिका लगाई और जिन्होने जांच को कमजोर किया, वो किस मुंह से कांग्रेस सरकार पर आरोप लगते हैं?

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अगर रमन सिंह कांग्रेस सरकार पर और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर यदि झूठा दोषारोपण करेंगे तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अगर रमन सिंह वाकई में चाहते हैं कि नान घोटाले की पुख्ता जांच हो सारी बातें सामने आए तो रमन सिंह को उजागर करना चाहिए कि सीएम मैडम कौन थी जिसके नाम को छिपाने के लिए रमन सिंह की पूरी सरकार लगी रही? नान घोटाले की जांच को कमजोर क्यों किया गया यह रमन सिंह को बताना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है नान घोटाले की जांच रमन सिंह जी के कार्यकाल में ही पूरी हो चुकी थी अगर नान घोटाले का केस कमजोर हुआ है तो स्वाभाविक रूप से मुख्यमंत्री के रूप में रमन सिंह उसके लिए उत्तरदायी हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद, विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने एसआईटी गठित की थी ताकि नान के जो तथ्य उजागर नहीं हुए हैं जिन्हें रमन सिंह की सरकार में छुपाया गया उन्हें सामने लाया जा सके। लेकिन भाजपा नेताओं ने न्यायालय में याचिका दायर करके जांच को रूकवाया। ऐसी भाजपा जिसकी सरकार में जांच कमजोर की गई या जिनके नेता नान की जांच को रुकवाने के लिये अदालत में याचिका लगाते हैं वो किस मुंह से कांग्रेस की सरकार पर आरोप लगाते हैं?

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