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विपक्षी दलों के एक साथ आने से भाजपा के खिलाफ बनेगा मजबूत गठबंधन : प्रशांत किशोर…

नई दिल्ली। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का मानना है कि भाजपा को हराने के लिए केवल विपक्षी दलों की एकजुटता ही काफी नहीं है। प्रशांत किशोर की यह प्रतिक्रिया तब आई जब एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया कि ममता बनर्जी भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों को एकजुट करने का आह्वान कर रही हैं, ये कोशिश कितनी कारगर होगी?

प्रशांत किशोर ने कहा, ”विपक्ष का एकजुट होना ही भाजपा को हराने के लिए पर्याप्त नहीं है। अगर विपक्षी दल एकसाथ आते हैं तो भाजपा के खिलाफ एक मजबूत गठबंधन बनता दिखाई दे सकता है, लेकिन उनका भाजपा के खिलाफ चुनाव जीतना अलग बात है। हमने पिछले चुनावों में देखा है कि भाजपा ने गठबंधन को हराया है।”

प्रशांत किशोर ने उदाहरण देते हुए कहा, ”हमने उत्तर प्रदेश चुनाव में देखा कि समाजवादी-बसपा और अन्य दल साथ मिलकर लड़े लेकिन भाजपा के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा। असम में महागठबंधन को भाजपा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। जो कुछ भी हुआ है, उससे सबक लेना होगा। केवल भाजपा के खिलाफ अन्य दलों का साथ आ जाना ही उनके खिलाफ जीत का मूलमंत्र नहीं हो सकता है।”

भाजपा के खिलाफ विपक्ष के साथ आने और उनकी जीत की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर का कहना था, ”इसके लिए आपके पास एक चेहरा होना चाहिए, नरैटिव होना चाहिए और इसके बाद अन्य समीकरण हैं।” हालांकि, जब पूछा गया कि भाजपा को चुनौती देने के लिए विपक्षी खेमे में कौन सा चेहरा हो सकता है? प्रशांत किशोर ने इसके जवाब में किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया।

प्रशांत किशोर ने कहा, ”भाजपा के खिलाफ केवल विपक्षी दलों के साथ आ जाने भर से लोग उनके लिए वोट नहीं करेंगे, ऐसा मेरा मानना है। कुछ जगहों पर विपक्षी दलों का गठबंधन भाजपा के खिलाफ जीतने की स्थिति में हो सकता है लेकिन अधिकांश जगहों पर इस समीकरण के साथ जीत मिलने की गारंटी नहीं है।”प्रशांत किशोर ने एक बार फिर असम चुनाव का उदाहरण दिया और कहा कि तब भाजपा के खिलाफ महागठबंधन साथ आया लेकिन चुनाव में भाजपा को जीत मिली और वो महागठबंधन भी बाद में बिखर गया।

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