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सीएम शिवराज के ओएसडी आनंद शर्मा ने इस्तीफा दिया…

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी व रिटायर्ड आईएएस आनंद शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सरकार ने तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया. कल मंगलवार दोपहर में निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद शाम को ही ओएसडी शर्मा द्वारा इस्तीफा दिए जाने से कई सवाल भी उठ रहे हैं. इस्तीफे का कनेक्शन उपचुनाव से जोड़ा रहा है. चर्चा है कि एमपी में होने वाले उपचुनावों में शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. सीएम का ओएसडी रहते वे इस जिम्मेदारी को नहीं निभा सकते थे, इसलिए ही उनसे इस्तीफा दिलवाया गया है.

 

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने खंडवा लोकसभा सीट के साथ पृथ्वीपुर, जोबट और रैंगाव विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान मंगलवार की दोपहर को किया. इन सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया 13 अक्टूबर से शुरू होगी. इसके बाद 30 अक्टूबर को मतदान और 2 नवंबर को मतगणना की जाएगी. चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद ही शाम को ओएसडी शर्मा ने इस्तीफा दे दिया. शर्मा कई जिलों के कलेक्टर के साथ ही सागर व उज्जैन संभाग के कलेक्टर भी रह चुके हैं.

 

सीएम शिवराज के चहेते ओएसडी हैं शर्मा

चर्चा है कि आनंद शर्मा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेहद भरोसेमंद व चहेते अफसरों में से एक माने जाते हैं. इसलिए प्रदेश में होने वाले उपचुनावों का ऐलान होने के बाद आचार संहिता लगते ही उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया. सूत्रों के मुताबिक उपचुनाव के इस दौर में आनंद शर्मा मुख्यमंत्री के साथ रहेंगे. माना जा रहा है कि अगर आनंद शर्मा इस्तीफा नहीं देते तो वह सीएम शिवराज के साथ चुनावी सभाओं में शामिल नहीं हो पाते. ऐसे में अब इस्तीफा देने के बाद वह प्रचार में मुख्यमंत्री के साथ रह सकेंगे. बता दें कि कुछ साल पहले आईएएस अफसर अरुण भट्ट ने भी इसी तरह से मुख्यमंत्री के ओएसडी पद से इस्तीफा दिया था.

 

कई जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं आनंद शर्मा

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ओएसडी आनंद शर्मा के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं. वह सागर और उज्जैन संभाग के कमिश्नर रह चुके हैं. इसके अलावा शर्मा राजगढ़ और विदिशा जिले के कलेक्टर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें सीएम का ओएसडी नियुक्त किया गया था. आज शाम उन्होंने अपना इस्तीफा दिया है. खास बात यह है कि सरकार ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर भी कर लिया.

 

प्रदेश की चार सीटों पर होने हैं उपचुनाव

दरअसल, प्रदेश की एक लोकसभा सीट और तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं. जिनमें खंडवा लोकसभा सीट के अलावा रैगांव, पृथ्वीपुर और जोबट सीट शामिल हैं. 11 अक्टूबर से नामांकन भरे जाएंगे, जबकि 30 अक्टूबर को मतदान होगा और 3 नवंबर को चारों सीटों के परिणाम आएगे. बता दें कि खंडवा, निवाड़ी, अलीराजपुर और सतना जिले के कुछ हिस्सों में आर्दश आचार संहिता लागू रहेगी. जहां उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही बीजेपी और कांग्रेस में प्रत्याशियों के चयन के लिए भी माथापच्ची शुरू हो गई.

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