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मंत्रियों के नाम तय करने दिल्ली पहुंचे सीएम चरणजीत सिंह और नवजोत सिद्धू …

नई दिल्ली । कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के चेहरों के साथ जातीय समीकरण को साधा है। इसके अलावा अब माना जा रहा है कि कैबिनेट के जरिए भी पार्टी क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने का प्रयास करेगी। सुखजिंदर रंधावा जाट सिख हैं, जबकि ओपी सोनी सवर्ण हिंदू हैं। इस तरह से कांग्रेस ने सीएम और डिप्टी सीएम के तौर पर प्रदेश के तीन प्रमुख समुदायों को साधने का काम किया है। माना जा रहा है कि अब दिल्ली में संभावित मंत्रियों को लेकर सीएम, डिप्टी सीएम और नवजोत सिंह सिद्धू हाईकमान से चर्चा करेंगे। इस मीटिंग में कैप्टन अमरिंदर सिंह के खेमे के माने जाने वाले नेताओं को मंत्रिपरिषद से बाहर रखने पर भी बात हो सकती है।

पंजाब के नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, दो डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार को दिल्ली पहुंचे हैं। चारों नेताओं ने चार्टर्ड फ्लाइट पकड़कर दिल्ली का सफर किया। दिल्ली में ये नेता पार्टी की सेंट्रल लीडरशिप से मिलेंगे और राज्य में मंत्रिपरिषद के गठन को लेकर बात करेंगे। इसके अलावा पंजाब के प्रभारी हरीश रावत से भी वे मुलाकात करेंगे। पंजाब में कांग्रेस हाईकमान नई सरकार बनने के बाद नौकरशाही तक के बदलावों पर पूरी नजर बनाए हुए है। यहां तक कि डीजीपी के तौर पर कई नाम चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने लीडरशिप को सुझाए हैं और उनमें से ही एक अधिकारी पर राहुल गांधी की ओर से मुहर लगाए जाने की संभावना है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और एक डिप्टी सीएम के साथ ट्विटर पर तस्वीर शेयर की है। दिल्ली आने के दौरान की यह तस्वीर शेयर करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने लिखा कहा है, ‘इन लाइन ऑफ ड्यूटी।’ सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा और ओपी सोनी ने सोमवार को शपथ ली थी। इससे पहले शनिवार को ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के सीएम के तौर पर पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद लंबे चले विमर्श के बाद कांग्रेस ने दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाने का फैसला लिया है।

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पंजाब कैबिनेट में उन नेताओं को जगह मिल सकती है, जिन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह से टकराव के दौरान सिद्धू का समर्थन किया था। अमरिंदर सिंह राजा, मदन लाल जलालपुर, इंदरबीर सिंह बोलारिया, गुरकीरत सिंह कोटली, परगट सिंह और संगत सिंह गिलजियान को मौका दिया जा सकता है। परगट सिंह को सिद्धू के करीबी नेताओं में गिना जाता है। वह फिलहाल पंजाब कांग्रेस के महासचिव हैं। इसके अलावा गिलजियान प्रदेश यूनिट के वर्किंग प्रेसिडेंट हैं।

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