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चीनी विदेश मंत्री वांग यी बोले- भारत और चीन प्रतिद्वंदी नहीं पार्टनर बनें …

नई दिल्ली। चीन और रूस के संबंधों को लेकर वांग यी ने कहा कि बीजिंग और मॉस्को रणनीतिक फोकस बनाए रखेंगे और नए युग के लिए समन्वय की चीन-रूस व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करते रहेंगे।

चीन ने विदेश मंत्री वांग यी ने अपने सालाना प्रेस कांफ्रेंस में अमेरिका को जमकर लताड़ा है। उन्होंने क्वाड, नाटो, यूक्रेन, रूस, अमेरिका और भारत से संबंधो को लेकर अपनी बात रखी है। आइए जानते हैं उन्होंने भारत से संबंधों को लेकर क्या कहा है।

भारत से संबंधों को लेकर वांग यी ने कहा है कि भारत और चीन को प्रतिद्वंद्वियों के बजाय पार्टनर होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि चीन, भारत को आपसी सफलता के लिए भागीदार बनना चाहिए, न कि आपसी संघर्ष के विरोधी।

उन्होंने बॉर्डर पर जारी गतिरोध को लेकर कहा कि बॉर्डर से जुड़े मसलों से बड़ी तस्वीर को प्रभावित नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा है कि कुछ ताकतें हमेशा से भारत और चीन के बीच तनाव पैदा करना चाहती हैं। भारत और चीन आजाद रूप से हमारे भाग्य की मजबूती को समझ सकते हैं।

क्वाड को लेकर वांग यी ने कहा कि अमेरिका का हिंद-प्रशांत महासागर का वास्तविक लक्ष्य नाटो का इंडो-पैसिफिक संस्करण स्थापित करना है। उन्होंने अमेरिकी ‘54321’ स्ट्रेटजी के बताया। उनके मुताबिक क्वाड और ऑकस मिलकर 5 आंखें हैं जो कि ‘भयावह’ है।

उन्होंने अमेरिका को लताड़ते हुए कहा कि एशिया-प्रशांत सहयोग और विकास के लिए एक आशाजनक क्षेत्र है, यह जियो पॉलिटिकल प्रतियोगिता के लिए कोई शतरंज की बिसात नहीं। उन्होंने आगे कहा कि चीन छोटे घेरे बनाने की कोशिशों को खारिज करता है और एक साझा भविष्य के साथ एक एशिया-प्रशांत समुदाय का निर्माण करने को तैयार है।

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