Breaking News
.

छत्तीसगढ़ का स्वच्छतम राज्यों की श्रेणी में हुआ चयन, अवार्ड लेने सीएम जाएंगे दिल्ली…

रायपुर। स्वच्छतम राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ का चयन हुआ है। राष्ट्रपति कोविंद 20 नवंबर को अवार्ड प्रदान करने वाले हैं। इस अवार्ड को लेने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली जाएंगे। इसका आयोजन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाला है।

अधिकारियों ने बताया, 20 नवंबर 2021 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ को भारत के स्वच्छतम राज्यों की श्रेणी में पुरस्कृत करने वाले हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया, केंद्र सरकार की ओर से आयोजित विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने इस बार बाजी मारी है। इससे पहले वर्ष 2019 एवं 2020 में भी छत्तीसगढ़ स्वच्छता के मामले में अग्रणी राज्य रहा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पत्र भेजकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को पुरस्कार ग्रहण करने के लिए नई दिल्ली आमंत्रित किया है। सामान्य तौर पर यह पुरस्कार लेने शहरी विकास मंत्री और विभागीय अफसर ही जाते रहे हैं। इस बार तय हुआ कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। उनके साथ विभागीय मंत्री शिव कुमार डहरिया भी जाएंगे।

अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार ने इस प्रतियोगिता के बाद छत्तीसगढ़ को देश का पहला ODF ++ राज्य घोषित किया है। कहा गया है, छत्तीसगढ़ देश का ऐसा एक मात्र प्रदेश है जहां पर 9 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मी घर-घर से 1600 टन गीला एवं सूखा कचरा एकत्र करते हैं। बाद में उसका वैज्ञानिक ढंग से निपटान होता है।

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को ही नहीं, प्रदेश के 61 शहरों को भी अवॉर्ड के लिए चुना है। इन शहरों ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। समारोह में इन 61 शहरों को भी इनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है, छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य होगा जिसके सबसे ज्यादा निकाय पुरस्कृत किए जाएंगे।

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय हर साल देश के शहरों एवं राज्यों में स्वच्छता सर्वेक्षण का आयोजन करता है। इसमें विभिन्न मापदंडों के अंतर्गत शहरी स्वच्छता का आंकलन किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से घर-घर से कचरा एकत्रीकरण, कचरे का वैज्ञानिक रीति से निपटान, खुले में शौच मुक्त शहर, कचरा मुक्त शहर जैसे बिंदुओं को देखा जाता है। थर्ड पार्टी के माध्यम से आंकलन करते हुए नागरिकों के फीडबैक को भी इसमें शामिल किया जाता है। इसी आधार पर राज्यों एवं शहरों की रैंकिंग जारी कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों तथा शहरों को पुरस्कृत किया जाता है।

error: Content is protected !!