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छत्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग का फैसला, बुर्कानशीनों की जांच के लिए हर बूथ में महिला अधिकारी की ड्यूटी ….

रायपुर । छ्तीसगढ़ निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान केंद्रों में बुर्का पहनकर आने वाली महिलाओं की जांच के लिए महिला अधिकारियों की तैनाती का आदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी मतदान केंद्र में सिर्फ बुर्के में आई महिलाओं की जांच के लिए  महिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। भाजपा द्वारा बुर्का पहनकर मतदान नहीं कराए जाने की मांग के बाद आयोग ने यह आदेश जारी किया है। बता दें कि लोकतंत्र की मजबूती और फर्जी मतदान को रोकने प्रशासनिक अधिकारी चाक-चौबंद व्यवस्था करते हैं। मतदान केंद्रों में फोर्स के जवानों की तैनाती भी की जाती है।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने विधायक अजय चंद्राकर के नेतृत्व में विगत दिनों राज्य निर्वाचन आयोग में बीरगांव नगर पालिक निगम चुनाव में फर्जीवाड़ा की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा प्रतिनिधि मंडल ने कहा था कि जब वोटर आईडी बनाने के लिए बुर्का हटाया जा सकता है तो मतदान करने के दौरान क्यों नहीं। भाजपा ने बुर्का पहनकर मतदान नहीं कराने का आग्रह किया था। आयोग ने बुर्का हटाने का आदेश तो जारी नहीं किया, लेकिन लेकिन जिन बुर्कानशीनों को लेकर आपत्ति सामने आएगी, उनका बुर्का हटाकर जांच जरूर की जाएगी। आयोग ने सभी संबंधित केंद्रों में महिला अधिकारियों की नियुक्ति की है, जो सिर्फ शिकायत पर इसकी जांच करेंगी। बता दें कि प्रदेश के 15 नगरीय निकायों में सोमवार 20 दिसंबर को मतदान होगा। इसे लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। मतदान दलों को केंद्रों के लिए रवाना भी कर दिया गया है।

बीरगांव के मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूर्व मंत्री व भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने निर्वाचन आयोग में शिकायत की थी। चंद्राकर ने आयोग को बताया था कि दो मंजिला एक ही मकान में 300 के लगभग मतदाताओं का नाम है। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह को यह भी बताया था कि बीरगांव के अब्दुल रऊफ वार्ड के मकान नंबर 381, 382, 383 और 384 के पते पर कुल 452 मतदाताओं का नाम है। ये लोग उस मकान में रहते ही नहीं हैं। फर्जी तरीके से इन नामों को मतदाता सूची में शामिल किया गया है।

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