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कोरोना से मरने वाली थाईलैंड की युवती का केस : स्पा सेंटर पर बुलाई जाती थी युवती, सलमान अदा करता था मुख्य भूमिका …

नई दिल्ली (पंकज यादव) । लखनऊ में कोरोना से हुई थाईलैंड युवती की मौत में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि युवती को थाईलैंड से स्पा सेंटर में काम करने के लिए बुलाया जाता था। लखनऊ के एक स्पा सेंटर पर वह सेवाएं देती थी। कोरोना से मरने वाली युवती को भारत लाने में उसका सहयोग सलमान मुख्य भूमिका अदा करता था। इसके बाद पुलिस सलमान को विभूतिखंड थाने में लेकर आई, यहां उससे तीन घंटे तक पूछताछ हुई। सलमान ने खुद को निर्दोष बताते हुए वीडियो वायरल किया था। उसने पुलिस को बताया कि कुछ लोग बेवजह तूल दे रहे हैं। रायपुर निवासी राकेश शर्मा के कहने पर वह मदद करने आया था। डीसीपी संजीव, एडीसीपी कासिम व इंस्पेक्टर चन्द्रशेखर ने सलमान के पूर बयान की रिकार्डिंग भी करायी है। पुलिस ने राकेश शर्मा से भी मोबाइल पर पूछताछ की है। वहीं कुछ लोगों ने एलआईयू की भूमिका पर भी सवाल उठाये हैं। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है। 

भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर कई तरह की आपत्तिजनक बातें लिखकर उनकी व परिवार की प्रतिष्ठा को बदनाम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को रविवार को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही सपा नेता आईपी सिंह व महेन्द्र कुड़िया समेत टिवटर व अन्य सोशल मीडिया पर उनके परिवार को बदनाम करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करने के लिये कहा है। संजय सेठ ने युवती की मदद करने आये सलमान की भूमिका को भी पता करने को कहा है। उन्होंने ने मांग की है कि जिस तरह से युवती की मौत के बाद साजिश के तहत उन्हें व परिवार को बदनाम करने के लिये सोशल मीडिया का सहारा लिया गया, उसका खुलासा निष्पक्ष होना चाहिये।

आपको बता दें कि थाई युवती की 28 अप्रैल को तबियत खराब हो गई थी और उसे दूतावास से सम्पर्क करने के बाद राम मनोहर लोहिया अस्तपाल में भर्ती करा दिया गया था। यहां पता चला था कि वह कोरोना संक्रमित हैं। इसके बाद उसे कोविड अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। ऑक्सीजन स्तर लगातार गिरने से तीन मई को उसकी मौत हो गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने थाईलैंड दूतावास से सम्पर्क किया और पूरी जानकारी दी। वहां से अनुमति मिलने के बाद पांच मई को युवती का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर आठ मई को यह मामला तूल पकड़ गया। इसको लेकर कई तरह की चर्चायें होने लगी। हालांकि शनिवार को पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कहा था कि उन तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की और इसमें कोई एफआईआर भी नहीं है। रविवार को जब यह मामल और ज्यादा तूल पकड़ गया तो पुलिस कमिश्नर ने इसकी जांच के आदेश दे दिये।

थाईलैंड से आई भारत घूमने आई युवती की लखनऊ में कोरोना से हुई मौत का मामला अब गर्मा रहा है। इस मुद्दे पर सपा प्रवक्ता व भाजपा सांसद आमने-सामने हैं और इसे लेकर सियासत भी तेज होने लगी है। इस मामले में सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा सांसद संजय सेठ के बेटे ने अय्याशी के लिए उसे बुलाया था। संजय सेठ ने इस बात को पूरी तरह झूठा और निराधार बताते हुए  पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने लखनऊ पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा कि सेठ ने ट्वीट कर कहा है कि मेरे व मेरे परिवार को बदनाम करने के लिए जो पूर्णत : असत्य व भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं, इससे मेरा व मेरे परिवार का कोई लेना देना नहीं है। उसके संबंध में पुलिस आयुक्त को सूचित किया है उन्होंने संज्ञान लेते हुए जांच करा कर अवगत कराने का आश्वासन दिया है।

यह मामला कई दिन से चल रहा है लेकिन रविवार को सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्वीट कर इसे गर्मा दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री के साथ खड़े होकर मुस्कुरा रहे भाजपा सांसद संजय सेठ के सुपुत्र पर गंभीर आरोप हैं। दुनिया भर में चल रही महात्रासदी के बीच थाईलैंड से एक युवती बुलाई गयी, जिसकी अब कोरोना से मौत हो गयी है। क्या यूपी पुलिस में हिम्मत है कार्यवाही करने की? जाँच करने की?

यह युवती वर्ष 2019 से अब तक कई बार लखनऊ आ चुकी है। यहां पर वह हुसैनगंज स्थित एक मकान में रुकती थी। यहां पर पांच अन्य थाई युवतियां भी रहती है। यहीं पर रहने वाला एक लड़का इस युवती के बेहद करीब था। रविवार रात तक विभूतिखंड पुलिस को ऐसी कई जानकारियां मिली है। यह भी माना जा रहा है कि वर्ष 2019 से पहले भी वह भारत आयी है। इस बार भी वह यहां किसी होटल में नहीं रुकी थी। पुलिस यह भी पता कर रही है कि इस बार मार्च में आने के बाद वह कहां-कहां गई। लखनऊ में कितने लोगों के सम्पर्क में आयी। इसके लिये मोबाइल नम्बर की काल डिटेल खंगाली जा रही है।

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