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ढ़ाई करोड़ की पुरस्कार राशि पाने वाला बिलासपुर छत्तीसगढ़ का इकलौता शहर…

बिलासपुर। स्वच्छता में बिलासपुर ने इतिहास रचते हुए एक साथ दो राष्ट्रीय पुरस्कार जीते है। अपना परचम लहराते हुए सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में पूरे देश में बिलासपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया है। जिसमें पुरस्कार के रूप में बिलासपुर ननि को ढाई करोड़ मिले है,यह अवार्ड पाने वाला बिलासपुर पूरे छत्तीसगढ़ का इकलौता शहर है। इसके अलावा गार्बेज फ्री सिटी में बिलासपुर को 3 स्टार रैंकिंग मिला है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में अपने अभूतपूर्व प्रदर्शन को दोहराते हुए 4320 शहरों में बिलासपुर ने टाॅप 25 में जगह बनाते हुए पूरे देश में 21 वां स्थान हासिल किया है।


केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा आयोजित “स्वच्छ अमृत महोत्सव” कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और केंद्रीय मंत्री हरदीप पूरी की मौजूदगी में स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के परिणामों की घोषणा की गई। जिसमें बिलासपुर शहर को सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में पूरे देश में तीसरा स्थान प्रदान करते हुए पुरस्कार से नवाजा गया,पुरस्कार के रूप बिलासपुर को ढाई करोड़ रूपये की राशि भी प्रदान की गई है। महापौर रामशरण यादव और निगम कमिश्नर अजय त्रिपाठी ने पुरस्कार ग्रहण किए। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में महापौर रामशरण यादव, कमिश्नर अजय त्रिपाठी, स्वच्छ सर्वेक्षण के नोडल अधिकारी उपायुक्त खजांची कुम्हार और इंजीनियर मनीष यादव उपस्थित रहें।

सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज शत प्रतिशत खरा उतरा बिलासपुर

सीवरों और सैप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई को रोकना और उनकी मशीन से सफाई को बढ़ावा देने को उद्देश्य से केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय द्वारा “सफ़ाई मित्र सुरक्षा चैलेंज” की शुरूआत की गई ,जिसमें देशभर के 243 नगरीय निकायों को शामिल किया गया । इस कार्यक्रम के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई की किसी भी व्यक्ति को सीवर या सैप्टिक टैंक में प्रवेश करने की आवश्यकता न पड़े, जब तक कि अधिक से अधिक सार्वजनिक स्वच्छता के हित में पूरी तरह से आवश्यक नहीं हो और अगर सैप्टिक टैंक या सीवर में मानव द्वारा सफ़ाई अति आवश्यक हो तो संबधित सफाई कर्मी टैंक में पूरे सुरक्षा उपकरणों के साथ उतरे ताकि कर्मी की जान खतरे में ना पड़े। इस चैलेंज के पैमाने में नगर निगम बिलासपुर को शत प्रतिशत खरा उतरा। यहां अधिकतर सीवर और सैप्टिक टैंक की सफाई मशीन से की जाती है तथा जहां मशीन से सफाई संभव नहीं हो पाता वहां सफाई कर्मी पूरी सुरक्षा के साथ सफाई करते है। चैलेंज के तहत जागरूकता का भी आंकलन किया गया था जिसमें निगम के सभी सफाई मित्र प्रशिक्षित और जागरूक निकलें। इस चैलेंज के तहत लक्ष्यों का क्रियान्वयन नोडल आफिसर खजांची कुम्हार और सहायक नोडल आफिसर मनीष यादव के नेतृत्व में किया गया था। 240 शहरों को पछाड़ते हुए नगर निगम बिलासपुर ने यह उपलब्धि हासिल की है।

बिलासपुर ने ऐसे लहराया अपना परचम

सर्वेक्षण के तहत केंद्र सरकार द्वारा अलग-अलग मापदंडों में 6 हज़ार नंबर निर्धारित किए गए थे, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बिलासपुर नगर निगम ने सिटीजन फीडबैक में में 1509 नंबर हासिल किया,तो वहीं सर्टिफिकेशन में 1100 नंबर मिले,सर्विस लेवल प्रोसेस में 1709 नंबर मिला है। कुल मिलाकर 6000 में बिलासपुर नगर निगम को 4311 नंबर मिला।

1 लाख 10 हज़ार घरों से डोर टू डोर कलेक्शन,मैन्युअल और मैकेनाइज्ड सफाई

निगम सीमा के नए और पुराने क्षेत्रों को मिलाकर कुल एक लाख दस हजार घरों से प्रति दिन डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जाता है। कचरा संग्रहण के बाद उपचार हेतु आरडीएफ प्लांट ले जाया जाता है, आरडीएफ प्लांट में गीले कचरे से खाद बनाने का कार्य तथा सूखे कचरे से आरडीएफ बनाने का कार्य किया जाता है। इसी तरह शहर को साफ-सूथरा रखने के लिए ठेका कंपनी के ज़रिए सफाई वीरों के द्वारा मैन्युअली सफाई के अलावा मशीन से भी शहर के मुख्य मार्गों की सफाई की जाती है। अत्याधुनिक तरीके से यह सफाई कार्य दिन के साथ रात में भी की जाती है,इसके लिए बकायदा एक कमांड एवं कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।

उपलब्धि खास है क्योंकि नए क्षेत्र भी जुड़े थे

इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम बिलासपुर के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि सर्वेक्षण में निगम में शामिल नए क्षेत्रों को भी शामिल किया गया था। निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी रूप से स्वच्छता के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर अभी उतना मजबूत नहीं हुआ है,
इसके बावजूद बिलासपुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

निदान एवं स्वच्छता एप के ज़रिए समाधान

स्वच्छता संबधी समस्या के आनलाइन समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी निदान नंबर 1100 और केंद्र सरकार द्वारा जारी स्वच्छता एप के माध्यम से बिलासपुर नगर निगम ने समय सीमा के भीतर प्राप्त शिकायतों का बेहतर ढंग से निराकरण किया। जिसके कारण नंबर भी अच्छे मिलें।

जागरूक करने चलाया अभियान

स्वच्छ सर्वेक्षण के शुरूआत से ही बिलासपुर नगर निगम ने आमजन को जागरूक करने कई तरह के अभियान चलाया। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर ऑनलाइन स्वच्छ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के तहत अंतर्गत स्वच्छ मोहल्ला,स्वचछ स्कूल,स्वच्छ कालेज,स्वच्छ होटल, स्वच्छ अस्पताल,स्वच्छ बाज़ार,का चयन किया गया ।इसके अलावा प्लास्टिक मुक्त बिलासपुर बनाने और सैप्टिक तथा सीवर की सफाई के लिए बाज़ार और चौक चौराहों पर नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही शहर भर में बैनर-पोस्टर तथा स्वच्छता संबंधी वाॅल पेंटिंग कराया गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया को भी हथियार बनाकर निगम द्वारा लोगों को जागरूक किया गया।

शहरवासियों को बधाई-महापौर

स्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन करने पर महापौर रामशरण यादव ने शहरवासियों और निगम कर्मियों को बधाई देते हुए कहा की यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास का नतीजा है,आमजन के सहयोग के बगैर संभव नहीं था। इस उपलब्धि से हमें भविष्य में और भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

टीम वर्क का नतीजा- कमिश्नर

ननि आयुक्त अजय त्रिपाठी ने निगम की टीम को बधाई देते हुए कहा की “यह उपलब्धि बेहतर टीम वर्क और जनता के सहयोग का परिणाम है,भविष्य में हम और भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करें, इसके लिए प्रयास जारी रखेंगे”

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